Faridabad/Alive News: ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं को देखते हुए अब शहरों की तर्ज पर गांवों में भी आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली है।
योजना के तहत नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को कुछ समय के लिए आइसोलेशन में रखा जाएगा। इसके लिए तहसील स्तर पर और पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में डॉग शेल्टर बनाए जाएंगे। यह पूरा कार्य एक निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा, जिसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
इस योजना के लागू होने से ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
जिले में गंभीर होती जा रही समस्या
जिले में कुल 490 ग्राम पंचायतें और 655 गांव हैं। यहां चार तहसील जगाधरी, छछरौली, बिलासपुर और रादौर—तथा तीन उप-तहसील साढौरा, सरस्वतीनगर और प्रतापनगर शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों के झुंड दिनभर गलियों, खेतों और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा रहता है।
रोज सामने आ रही हैं डॉग बाइट की घटनाएं
डॉग बाइट की घटनाएं अब लगभग रोजाना सामने आ रही हैं। पीड़ितों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचना पड़ता है, जहां उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने होते हैं। पीड़ितों का कहना है कि पहले कुत्ते के काटने का दर्द सहना पड़ता है और फिर इंजेक्शन लगवाने की परेशानी झेलनी पड़ती है।
सड़क हादसों की वजह भी बन रहे हैं कुत्ते
आवारा कुत्ते केवल डॉग बाइट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई बार सड़क हादसों का कारण भी बन रहे हैं। अचानक सड़कों पर आ जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में कुत्ते खुद भी घायल हो जाते हैं और वाहन चालकों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।
सेहत पर रखी जाएगी निगरानी
योजना के तहत बनाए जाने वाले डॉग शेल्टर में नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को कुछ समय तक आइसोलेशन में रखा जाएगा, ताकि उनकी सेहत पर निगरानी की जा सके। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद कुत्तों को सुरक्षित तरीके से उनके क्षेत्र में वापस छोड़ा जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में पहले से लागू व्यवस्था
नगर निगम क्षेत्र में पहले से ही आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था लागू है। इसके लिए एक एजेंसी को टेंडर दिया गया है, जो शहर से कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण का कार्य कर रही है।
प्रति कुत्ता लगभग 1500 रुपये खर्च निर्धारित किया गया है। विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों में अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जा रहा है। पकड़े गए कुत्तों को नगर निगम के चनेटी स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में लाया जाता है, जहां वैज्ञानिक
तरीके से नसबंदी और रेबीज टीकाकरण किया जाता है।
सप्ताह में सौ से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे ट्विन सिटी क्षेत्र में चलाया जाएगा।
शिकायत के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर
नगर निगम ने आवारा कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए 7082410524 नंबर जारी किया है। शहरवासी इस नंबर पर हर कार्यदिवस सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कुत्ते पकड़वाने के लिए शिकायत कर सकते हैं।
शिकायत के साथ कुत्तों की फोटो और पता भेजने की अपील की गई है, ताकि टीम को मौके तक पहुंचने में आसानी हो।

