March 8, 2026

स्टेशन का निर्माण कार्य धीमी गति में, 25 महीने बाद भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। स्टेशन का 30 महीने में पूरी तरह से पुनर्विकास होना था, लेकिन 25 महीने बाद भी स्टेशन पर पार्किंग की जगह नहीं बन पाई है।

अधिकारियों को भी नहीं पता कि पूरा स्टेशन कब बनकर तैयार होगा। हालात को देखते हुए लगता है कि लोगों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। स्टेशन पर यात्रियों के लिए पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। पुनर्विकास के लिए पुराने परिसर को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सतही तौर पर की गई हैं।

6 अगस्त, 2023 को अमृत भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण का उद्घाटन किया। स्टेशन पर एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक मूलचंद शर्मा के साथ रेलवे के अधिकारी भी शामिल हुए।

स्टेशन के पुनर्विकास पर 262 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। जीआरपी कार्यालय की जगह पर बन रही पार्किंग का काम पूरा होने में सिर्फ पांच महीने बाकी हैं, लेकिन अभी तक यह 80% भी पूरा नहीं हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि रेलवे अधिकारी और बिल्डर इस परियोजना को पूरा करने के लिए कितनी तेजी से काम कर रहे हैं।

विश्वस्तरीय होगा रेलवे स्टेशन, मिलेंगी ये सुविधाएं

रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। लगभग 350 दोपहिया वाहनों और 250 कारों के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों के लिए वातानुकूलित कार्यालय और एस्केलेटर वाले नए फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे।

रेलवे स्टेशन के दोनों ओर बनने वाली इमारतों में स्थानीय कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट और खरीदारी के लिए जगहें शामिल हैं। यह स्टेशन एक स्मार्ट और हरित भवन होगा। नए स्टेशन को 40 वर्षों के भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

फरीदाबाद स्टेशन से 90 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं

ओल्ड फरीदाबाद औद्योगिक शहर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। यहां लगभग 90 लंबी और छोटी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती हैं। यहां से प्रतिदिन 15,000 से 20,000 यात्री दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, अमृतसर, इंदौर आदि उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए ट्रेनों में सवार होते हैं। त्योहारों के मौसम में स्टेशन पर भीड़ भाड़ बढ़ जाती है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था। हालांकि, अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

स्टेशन से एस्केलेटर भी हटा दिया गया है, और बुजुर्गों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। ट्रेन लेट होने के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही इंतज़ार करना पड़ता है। प्रतीक्षालय के रूप में टिन शेड लगाए गए हैं, जिनमें एक बार में 50 लोग भी नहीं बैठ सकते।

गर्मी और उमस भी स्थिति को और बदतर बना देती है। केंद्र सरकार की योजना के तहत बन रहे रेलवे स्टेशन के निर्माण में हो रही देरी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है।