Faridabad/Alive News: सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मां भगवती के नौ स्वरूपों की आराधना हेतु आज विधि-विधान से घट स्थापना की गई। इस धार्मिक आयोजन के साथ ही आश्रम में नौ दिवसीय विशेष पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया।
इस अवसर पर आश्रम के अधिपति जगदगुरु स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्र देवी शक्ति के विभिन्न रूपों की उपासना का विशेष पर्व है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन शक्ति की आराधना करनी चाहिए, लेकिन जो लोग ऐसा नियमित रूप से नहीं कर पाते, उनके लिए नवरात्र विशेष अवसर प्रदान करता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को अपनी क्षमता के अनुसार व्रत, उपवास, नाम जप और दान आदि करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि शक्ति के बिना भगवान शिव भी अधूरे माने जाते हैं, इसलिए हर शुभ कार्य से पहले शक्ति की पूजा का विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति में शक्ति को ‘मां’ का स्वरूप माना गया है, क्योंकि सृष्टि की उत्पत्ति और पालन-पोषण दोनों ही शक्ति के माध्यम से संभव होते हैं।
पूजन कार्यक्रम के दौरान संतों ने मां भगवती की आराधना कर उपस्थित भक्तों को आशीर्वाद एवं प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर स्वामी श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने घट स्थापना में भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि श्री सिद्धदाता आश्रम स्थित श्री लक्ष्मी नारायण दिव्यधाम में मां जगदंबा का एक भव्य मंडप भी स्थापित है, जहां अत्यंत सुंदर शक्ति स्वरूप की प्रतिमा विराजमान है। नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिलती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिव्यधाम में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलदायी होती है और जीवन में कल्याण लाती है

