March 7, 2026

मां को थप्पड़ मारा कुछ डालकर लगा दी आग, मासूम बेटे ने बताया सच

Delhi/Alive News: निक्की के मासूम बेटे ने घटना वाले दिन की पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि पापा ने पहले मां को थप्पड़ मारा, इसके बाद कुछ डालकर आग लगा दी। 

ग्रेटर नोएडा में दहेज हत्या का शिकार हुई निक्की का पांच साल का बेटा अब नाना के घर आ गया है। उसका कहना है कि पिता ने मां पर कुछ डालकर थप्पड़ मारा फिर लाइटर से आग लगा दी। पिता ने उसे भी थप्पड़ मारकर नीचे भेज दिया। रविवार को उसकी निगाह भीड़ के बीच मां को तलाश रही थी लेकिन भीड़ से केवल सहानुभूति मिल रही थी। वहीं, बड़ी बहन कंचन को दर्द है कि वह उसी घर में थी लेकिन बहन को बचा नहीं सकी। 

बचपन से हर कदम पर साथ देने वाले पिता भी टूट चुके हैं। रोते-रोते उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई के लिए हर हद पार करने को तैयार हैं। इधर, कंचन निक्की की जेठानी है। घटना के समय वह घर पर थी लेकिन बीमार होने के कारण आराम कर रही थी। 

कंचन का आरोप है कि उसके हाथ में ड्रिप लगी थी। बचाओ-बचाओ की आवाज सुनकर बाहर आई तो निक्की के शरीर में आग लगी थी। वह नीचे की तरफ भाग रही थी। निक्की पति और सास से जिंदगी की भीख मांग रही थी।

इस दौरान कंचन ने एक हाथ से वीडियो बनाई और दूसरे हाथ से आग बुझाने लगी। आग की लपटों के बीच घिरी निक्की मदद के लिए सीढ़ियां उतरते हुए घर से बाहर पहुंची। इस मंजर को देख पड़ोसी भी सहम गए। 

शराब पीकर आए दिन लड़ता था आरोपी

आरोप है कि विपिन शराब का आदी था। इससे ही घर में झगड़े बढ़ गए थे। वह कुछ करता भी नहीं था। मृतका की बहन कंचन ने बताया कि आग लगाने से कुछ देर पहले झगड़ा हुआ था। इसकी उसने वीडियो बनाई थी। बीच-बचाव करने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद निक्की अपने कमरे में ऊपर चली गई थी। बीमार होने की वजह से कंचन ने डॉक्टर बुलाकर हाथ में ड्रिप लगवाई हुई थी।

दहेज हत्या का समाचार बेहद दर्दनाक
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि ग्रेटर नोएडा से आया दहेज हत्या का समाचार बेहद दर्दनाक है। घोर निंदनीय है। दहेज लालच का दूसरा नाम है और नारी के साथ भेदभाव का सबसे वीभत्स रूप भी। इसकी जड़ में नारी को दोयम दर्जे का मानने की सामंती सोच सक्रिय होती है। 

इस सोच को बदलने के लिए सरकार से लेकर समाज तक को अति सक्रिय होकर सकारात्मक वातावरण बनाना पड़ेगा। हत्या करने वाले ऐसे लोगों ने स्वयं अपने लिए एक ऐसी सजा को चुना है जिसमें उनके साथ परिवार के निर्दोष लोग भी सारा जीवन मानसिक सजा को भुगतने का दंश झेलेंगे।