Faridabad/Alive News: नवरात्रि के पावन अवसर पर आज सोमवार को एनआईटी 5 रेलवे रोड़ स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ माता रानी के दर्शन करने के लिए उमड़ पड़ी रही थी। मंदिर में विशेष सजावट, आकर्षक रोशनी और धार्मिक अनुष्ठानों से माहौल पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ था। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किये गए है और इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि कोई भी श्रद्धालु बिना प्रशाद लिए मंदिर से न जाये।
बांके बिहारी मंदिर के प्रधान ललित गोसाई ने जानकारी देते हुए बताया कि माता की ज्योत को आज सोमवार सुबह नौ बजे मंदिर में ज्वाला जी से मंदिर की महिला मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी देवी गोसाई, सीमा दत्ता सहित दो अन्य लोगों द्वारा मंदिर में लाई गई है जिसे नौ दिनों बाद वापस ज्वाला जी में ही छोड़ा जाएगा। कई लोग इसी तरह माता की ज्योत को लेकर आते है और उसे नौ दिन पुरे होने के बाद बुझा देते है जो वह बहुत ही गलत कर रहे है। मंदिर में माता की चौकी को जितना हो सके उतनी सुंदर सजाने का प्रयास किया गया है। चौकी को तरह-तरह के फूल और लाइटों से सजाया गया है जिसे देखकर श्रद्धालुओं का मन भक्तिमय हो उठे। उन्होने नारी के सम्मान में लोगों को यह संदेश दिया कि जैसे लोगो माता को अपने घर लाते है और उनकी पूजा करते है उनके प्रति एक अलग सम्मान व्यक्त करते है वैसे ही हर नारी के प्रति प्रत्येक पुरुष को सम्मान का भाव रखना चाहिए उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह नारी भी देवी का ही स्वरूप है।
मंदिर में नवरात्रि पर यह रहेंगे कार्यक्रम
नवरात्रि के इन नौ दिनों में मंदिर में प्रतिदिन शाम सवा चार बजे महिला मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी देवी गोसाई के नेतृत्व में भजन और कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। माता की आरती के बाद साढ़े छह बजे फिर से यह भजन कीर्तन का कार्यक्रम चलाया जाएगा। नौ दिनों बाद कन्या पूजन किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए भी भंडारे की व्यवस्था की जाएगी।
क्या कहना है मंदिर के महंत का
बांके बिहारी मंदिर के महंत पंडित विनोद बिहारी शास्त्री ने कहा कि आज सोमवार को नवरात्रि का पहला दिन है। इस दिन माता को लाल वस्त्र पहनाना चाहिए और उन्हें लड्डू, पेड़े व फल का भोग लगाना चाहिए। नवरात्रि का यह पर्व 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा। यह योग करीब नौ साल बाद आया है कि नवरात्रि पर दशमी योग बन रहा है। यह योग दस महाविद्या के होने से बना है। इस बार के नवरात्र बहुत ही शुभ है।

