March 8, 2026

सज गई दुकाने, लौट आई बाजारों की रौनक, लोग जोरो – शोरों से कर रहे है खरीदारी

Faridabad/Alive News: दीपों के त्योहार दिवाली को लेकर शहर के बाजारों में इन दिनों रौनक देखने लायक है। जगह-जगह सजे बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगो की भीड़ भारी संख्या में उमड़ रही है। मिठाई, सजावट के समान, कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं और उपहार की दुकानों पर ग्राहकों की खूब चहल-पहल बनी हुई है।

फरीदाबाद एनआईटी एक नंबर मार्केट में सुबह ग्यारह बजे से ही लोग दिवाली के लिए दिये, मोमबत्ती, झालर, रंगोली के रंग और लक्ष्मी गणेश की मूर्ति की खरीदी करते हुए नजर आए। मार्केट में जगह – जगह दुकानों पर पचास प्रतिशत, तीस प्रतिशत और सत्तर प्रतिशत मुफ्त की स्कीम के पोस्टर लगे हुए है। सिलेक्शन फैमिली वेयर शोरूम, साड़ी महल और चांदनी चौक साड़ी पर महिलाओं व लड़कियों की भीड़ देखी गई। जगह – जगह रंगोली के रंग और मोल्ड दुकानदारों द्वारा बेचे जा रहे है। बाजार में लगातार बढ़ती लोगो की भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होती नजर आई और वाहनों का जमावड़ा लग गया।

क्या कहना है लोगों का
दिवाली पर घर सजाने से लेकर मिठाई बांटने तक हर चीज में खुशी का एहसास होता है खरीदारी के बिना त्योहार अधूरा लगता है।
रोशनी, स्थानीय निवासी बल्लभगढ़

मैं हर साल दिवाली और छट की खरीदारी करने के लिए एक नंबर मार्केट में आता हूं और हर साल मुझे यहां कुछ नया देखने को मिलता है जैसे पानी से जलने वाला दिया और पन्नी के फूलों की लड़ी जो घर व गेट को सजाने के लिए बहुत काम आती है।
हिमांशी, स्थानीय निवासी बड़खल

दिवाली के पावन अवसर पर दुकानदारों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है क्योंकि इस बार पिछले साल की तुलना में बिक्री में अच्छा इजाफा देखने को मिल रहा है।

क्या कहना है दुकानदारों का
वह पांच साल से इस एक नंबर मार्केट में अपनी दुकान लगा रही है और हर साल उन्हें पिछले साल के मुकाबले ज्यादा मुनाफा होता है लोगों का रुझान इस बार खासकर सजावट और लाइटिंग के सामान की ओर ज्यादा है। उन्हें बिक्री में पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 30 प्रतिशत बढ़कर मुनाफा होने की संभावना है।
खुशी, दुकानदार

उनकी फूलों और झालरों की दुकान पर सुबह ग्यारह से रात ग्यारह बजे तक भीड़ रहती है इस दौरान एक मिनट के लिए भी सांस लेने तक का समय नहीं मिल रहा है। इस बार महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी दिवाली की खरीदारी करने के लिए अपनी पत्नी के साथ आ रहे है।
पंकज, दुकानदार

मैं दस साल का हूं और मेरे घर में आर्थिक मजबूरी चल रही है जिस कारण मैं छह दिन से अपनी रंगोली की दुकान इस एक नंबर मार्केट में लगा रहा हूं हर दिन कम से कम छह सौ से सात सौ तक की बिक्री हो जाती है लेकिन आज एक बज गया अभी तक कोई बिक्री नहीं हुई कोई भी ग्राहक नहीं आया हालांकि आगे बिक्री होने की संभावना भी है।
सैफ अली खान, दुकानदार