March 8, 2026

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में एक महिला सहित सात आरोपी को गिरफ्तार

Faridabad/Alive News: साइबर थाना बल्लभगढ की पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में एक महिला सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजा दिया गया है।

पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर-11D, निवासी एक व्यक्ति ने दी अपनी शिकायत में बताया कि उसको ठगों द्वारा एक “ए28वर्मा की पुस्तक चर्चा” के ग्रुप में जोडा गया। जहां पर क्यूआईबी और आईपीओ के माध्यम से लाभ कमाने बारे प्रशिक्षण दिया जाता था, 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद क्यूआईबी ट्रैडिग के लिए पंजीकरण के लिए कहा गया। जिसके बाद उसने ठगों द्वारा दी गई “अमांसा कैपिटल वेबसाइट” पर 50 हजार रूपये देकर खाता खुलवाया। जहां रोज़ाना सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक भारतीय मार्केट और शाम को 6:00 बजे से 7:00 बजे तक यूएसए मार्केट में क्यूआईबी ट्रैडिंग करवाई जाती थी। जिसके बाद ठगों द्वारा उसे आईपीओ में निवेश कर मुनाफा कमाने का लालच दिया, जिसके लिए उसने कुल 29,09,269 रूपये का निवेश किया। 11 जून को जब उसके ट्रैडिंग अकाउंट में 80 लाख रुपए दिख रहे थे, तब उसने 31 लाख रुपए निकालने कोशिश की जब उसने पैसे निकालने के लिए अकाउंट मैनेजर के पास मैसेज किया तो उसके किसी भी मैसेज का जवाब नहीं दिया गया। तब उसे पता चला कि यह एक साइबर फ्रॉड था।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश नोएडा गौतमबुद्ध नगर युसुफपुर चकसवेरी निवासी अभिषेक कुमार ( उम्र 23), उत्तर प्रदेश नोएडा गौतमबुद्ध युसुफपुर चकसवेरी, हनुमान नगर निवासी शिवम कुमार ( उम्र 25), उत्तर प्रदेश नोएडा आगापुर सैक्टर 16 निवासी असिम अंसारी( उम्र 38) , उत्तर प्रदेश गाजियाबाद राहुल विहार निवासी दीपांशु( उम्र19), झारखंड सैक्टर 8C भोकारो स्टील सिटी निवासी सुनील कुमार( उम्र 44), पंजाब लुधियाना नियर ऋषि नगर हैबोवाल खुर्द निवासी जतिन गुप्ता ( उम्र 28) व पंजाब लुधियाना न्यु शिमलापुरी चिमनी रोड निवासी रणजीत कौर ( उम्र 44) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ठगों के लिए खाता उपलब्ध करवाता था। वह सभी पहले खाताधारकों को ढूंढते, फिर उनके खाता की किट लेकर खाताधारक को नोएड़ा लेकर आते और जब तक उनके खाता प्रयोग होता तब तक उन्हें अपने साथ रखते थे और फिर खाते का काम पूरा होने के उपरांत खाताधारक के वापिस भेज देते थे।

सभी आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर जेल भेजा गया।