Faridabad/Alive News: सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शनिवार रात एनआईटी स्थित दशहरा मैदान में पहुंची थी। भीड़ और शोर देखते हुए बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हमें लग रहा है कि फरीदाबाद वाले ही अगर सड़कों पर उतर आएं तो भारत हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। दशहरा मैदान में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सुनने और देखने के लिए रात भर लोग दशहरा मैदान में रुके रहे। रात भर भजन कीर्तन किए गए।
सुबह लोगों के लिए अन्नपूर्णा रसोई में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए। इस दौरान करीब 600 लोगों ने भोजन तैयार किया। रसोई में जलेबी, हलवा, पूरी सहित अन्य पकवान बनाए गए। सोमवार को यात्रा सीकरी शगुन गार्डन से प्रस्थान कर पलवल की ओर जाएगी।
पदयात्रा में आए भक्तों के लिए दशहरा मैदान पड़ा छोटा
सनातन एकता पदयात्रा रविवार सुबह 7 बजे एनआईटी दशहरा मैदान से बल्लभगढ़ दशहरा मैदान के लिए रवाना हुई थी। इसमें हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे। धीरेंद्र शास्त्री को सड़क पर बैठकर भोजन भी ग्रहण किया। दशहरा मैदान में धीरे-धीरे भक्तों का सैलाब बढ़ता गया और यह संख्या लाखों में पहुंच गई।
पुलिस प्रशासन और सेवादारों की ओर से लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन जैसे ही मैदान में धीरेंद्र शास्त्री पहुंचे तो लोगों का जमावड़ा उमड़ पड़ा। बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान कुछ महिलाएं भीड़ में गिरने की वजह से बेहोश हो गई। उन्हें तुरंत उठाकर साइड में बिठाया गया।
2 बजे तक किया इंतजार
जनता दोपहर दो बजे तक दशहरा मैदान में ने धीरेंद्र शास्त्री का इंतजार कर रही थी। दोपहर में धीरेंद्र शास्त्री जैसे ही मैदान में पहुंचे लोगों में जोश भर गया। पुलिस-प्रशासन और सेवादारों की काफी मशक्क्त करनी पड़ी। इसके चलते धीरेंद्र शास्त्री ने सिर्फ मात्र 1 मिनट में लोगों से अपने मन की बात कहीं और वहां से भोजन करने के लिए सभागार में रवाना हो गए।
मात्र 1 मिनट ही रूबरू हुए धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्र ने कहा जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। जो राम का नहीं हो सका वो किसी गांव का नहीं। जब दिया ही नहीं रहेगा, तो बाती का क्या करोगे। जब देश ही नहीं रहेगा तो जाति का क्या करोगे। बांग्लादेश से हिंदू को निकाला गया तो वह भारत आए, पाकिस्तान से हिंदू को निकाला गया तो भी वह भारत आए, लेकिन जब भारत से हिंदू को निकाला जाएगा तो वह लोग कहां जाएंगे। सभागार में भोजन करने के बाद करीब शाम को 4 बजे पदयात्रा आगे जेसीबी चौक से झाडसैतली के रास्ते सीकरी की के लिए रवाना हुई। जहां रात्री ठहराव का इंतजाम है।

