March 7, 2026

साध्वी ऋतंभरा ने भक्तों से नो कंप्लेंट क्लब बनाने की अपील की

Faridabad/Alive News: सेक्टर 15 के सामुदायिक भवन में जहां ले चलोगे, वहीं मैं चलूंगा भजन पर साध्वी ऋतंभरा संग भक्तगण जमकर झूमे। मंगलवार की कथा में जगद्गुरु विष्णु देवाचार्य भैया जी महाराज भी पहुंचे।

रामकथा में साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि वह अपने साथ बहुत सारे शत्रु लेकर चलते हैं। यह शत्रु काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ और मात्सर्य हैं जिन्हें मन अपने अनुसार चलाता है और सदैव उन्हे कष्ट देता है। इसलिए लोगों को अपने मन पर नियंत्रण करना चाहिए।

पद्म भूषण कथा वाचिका ने सभी को प्रशंसा से बचने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जहां कोई तीर नहीं चलता , वहां प्रशंसा का तीर चलता है। इसलिए अपने मुख से स्वयं अपनी प्रशंसा नहीं करनी चाहिए यह आत्महत्या है। सत्संगी को अपनी प्रशंसा सुनने पर आंख झुकाकर कहना चाहिए कि यह आपकी अच्छी दृष्टि है। 
वह कुछ नहीं हैं। मां ऋतंभरा ने सभी को अपने जीवन में स्वीकार्य भाव रखने की अपील की। 

उन्होंने लोगों से नो कंप्लेंट क्लब बनाने की बात भी कही। जैसा प्रभु ने दिया उसे स्वीकार करो। मंगलान को मुख्य रूप से भगवान श्रीराम के जन्म की कथा का विषय रहा। छह सितंबर तक चलने वाली इस कथा का आयोजन वात्सल्य सेवा समिति फरीदाबाद ने किया है।

इस अवसर पर परम शक्ति पीठ के महासचिव संजय भैया, मुख्य यजमान प्रेम पसरिचा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघचालक डॉ अरविंद सूद, पार्षद कुलदीप साहनी, बी आर सिंगला, सुरेन्द्र बंसल, डी के माहेश्वरी, टी पी माहेश्वरी, सुनीता बंसल, विनेश अग्रवाल, रमा भाटिया, नीरा तोमर, आरडब्ल्यूए 15 के अध्यक्ष नीरज चावला, उद्यमी एच एल भूटानी, डी पी जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।