Faridabad/Alive News: इस बार वर्षा ने लगता है कई वर्षो का कोटा इसी साल पूरा करने का ठान लिया है। सप्ताह भी नहीं बीतता कि वर्षा होने लगती है। इस बार नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा जैसे बड़े त्योहार वर्षा की भेंट चढ़ चुके हैं। लोगों को तो अब दीपावली में भी वर्षा का डर सताने लगा है।
त्योहारी मौसम में बाजारों में दुकानदारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अक्टूबर के महीने में सुबह शाम हल्की फुल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। वर्षा जब होती है तो आम जनमानस को कई तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पडता है। जैसे की वर्षा होगी तो जलभराव होना तय है, जिसका पानी निकलने में एक से दो दिन का समय लग जाता दै। इस दौरान वाहन चालक बुरी तरह परेशान होते हैं। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पडता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को
सोमवार रात के बाद मंगलवार को बी दोपहर बाद शाम के समय अचानक काली घटा छा गई और वर्षा होने लगी। हाईवे के बल्लभगढ़ वाईएमसीए, मुजेसर, बाटा चौक पर जलभराव दिखाई दिया। मुजेसर, मोड़ के पास हाईवे की सर्विस लेने में गड्ढे में ऑटो फंस गया। शुक रहा कि पलटा नहीं, वरना हादसा हो सकता था। हालांकि हाईवे का जलभराव इसी पाइप लाइन से नगर निगम के डिस्पोजल तक पहुंच जाता है।, लेकिन कई बार कचरा जमा होने की वजह से पानी हाईवे पर ही रुक जाता है।
शहर में वर्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ जलभराव होता है। सेक्टर व कॉलोनियों में भी पानी भर जाता है। जिला प्रशासन की विभिन्न बैठकों में ये मुद्दा उठा रहा है। बार बार एनएचएआई अधिकारियों से कहा गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। पिछले दिनों जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने एनएचएआई के साथ बैठक की थी, जिसमें एनएचएआई के अधिकारियों से जलभराव के स्थायी समाधान के लिए कहा था। इसके बाद पानी निकासी की लाईन फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा डाली गई है। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता विशाल बंसल ने बताया कि एक साथ अधिक पानी आने की वजह से निकालने में थोडा वक्त लगता है। कई बार मैनहोल पर कचरा जमा होने से पानी नहीं निकल पाता। व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।

