Faridabad/Alive News : जिले में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे प्राइवेट स्कूल एक बार फिर बोर्ड परीक्षा परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में जिले के चार प्राइवेट स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम शून्य रहा, जबकि छह प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 35 प्रतिशत से भी कम दर्ज किया गया। इसके बावजूद जिला शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ खंड में एक हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 450 स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के लिए बोर्ड से मान्यता नहीं ली है, फिर भी इन कक्षाओं में विद्यार्थियों का दाखिला किया जा रहा है।
इन स्कूलों में अध्यापकों की कमी और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के अभाव के चलते विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की समुचित तैयारी नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप कई छात्र परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाते हैं या एक-दो विषयों में कंपार्टमेंट आ जाती है। शहर की कॉलोनियों और स्लम क्षेत्रों में इस तरह के अस्थायी और डमी स्कूलों की संख्या अधिक है, जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
इन स्कूलों का रहा शून्य परिणाम
शैक्षणिक सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश के 100 ऐसे स्कूलों की सूची जारी की थी, जिनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इस सूची में जिले के दो सरकारी और नौ प्राइवेट स्कूल शामिल थे।
जसाना स्थित नंबरदार पब्लिक स्कूल, सारन स्थित भारत भारती पब्लिक स्कूल, कुरेशीपुर स्थित जेएमडी कॉन्वेंट स्कूल और एनआईटी संजय एन्क्लेव स्थित मावी मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल से केवल एक या दो विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, लेकिन उन्हें भी कंपार्टमेंट आ गई। इस कारण इन चारों स्कूलों का परिणाम शून्य रहा।
35 प्रतिशत से भी कम रहा इन स्कूलों का परिणाम
सेक्टर-23 संजय कॉलोनी स्थित हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम 14.19 प्रतिशत रहा। बसेलवा कॉलोनी स्थित नेशनल चाइल्ड स्कूल का परिणाम 22.22 प्रतिशत, इस्माइलपुर पंचशील कॉलोनी स्थित शांति रतन विद्या निकेतन स्कूल का परिणाम 33.33 प्रतिशत, टीटू कॉलोनी स्थित शिव विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम 33 प्रतिशत, सर्वोत्तम स्कूल का परिणाम 33 प्रतिशत और डबुआ कॉलोनी 27 फुट रोड स्थित मॉडर्न विश्वास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम 33.33 प्रतिशत दर्ज किया गया। ये सभी परिणाम बारहवीं कक्षा के हैं।
हर महीने विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूलने वाले जिले के कई प्राइवेट स्कूल शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। यह दावा नहीं, बल्कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी सूची में साफ तौर पर सामने आया है।

