Faridabad/Alive News: भगवान सूर्य व छठी मैया को समर्पित छठ पूजा का त्यौहार नजदीक आते ही जगह-जगह पुराने घाटों की सफाई और नए घाटों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। 25 अक्टूबर को नहाय – खाय से छठ महापर्व का शुभारंभ किया जाएगा।
रोशन नगर ए ब्लॉक के प्रधान अनीश कुमार ने बताया कि वह हर साल छठी मैया की पूजा के लिए घाट का निर्माण करवाते है साथ ही उसे केले के पत्तो और झालरों से सजाते है। इस साल भी उन्होंने शिव मंदिर के पास घाट का निर्माण कराया है जो पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है ताकि किसी भी महिला और पुरुष को सूर्य को अर्ग देते समय कोई भी दिक्कत व परेशानी न हो। इस घाट को जल्द ही फूलों, झालरों और गन्ने से सजाया जाएगा। इस घाट को चारों तरफ से कवर कर दिया जाएगा और एक ही एंट्री गेट होगा वहीं से लोग आएंगे और जाएंगे। अनुमान है कि इस घाट के निर्माण में करीब 30 से 45 हजार रुपये की लागत लग सकती है।
उनके द्वारा बनाए हुए घाट पर हर साल करीब एक हजार लोग पूजा करने व छठ पूजा की विधि को देखने आते है। घाट पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक पंडाल लगाया जाएगा, जहां से समय – समय पर लोगों को घाट के पास भीड़ न लगने के लिए अनाउंसमेंट की जाएगी। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की भी सहायता ली जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी न हो। घाट पर आ रहे लोगों के लिए अलग से बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी।

क्या कहना है प्रधान का
मैं हर साल छठी मैया की कृपा से घाट का निर्माण करवाता हूं। ये बहुत ही सौभाग्य की बात है कि ये सेवा का मौका हर साल मुझे मिलता है और मेरे द्वारा बनाए हुए घाट पर लगभग 1000 लोग आते है और छठी मैया की पूजा करते है। छठ पूजा चार दिन की होती है और प्रत्येक दिन घाट पर छठी मैया के गाने बजाए जाते है उससे पूरे घाट पर एक अलग ही भक्ति का माहौल बन जाता है।
– अनीश कुमार, प्रधान रोशन नगर

क्या कहना है श्रद्धालुओं का
मैं और मेरा परिवार हर साल शिव मंदिर के पीछे बने घाट पर पूजा करने के लिए जाते है, जहां घाट को बहुत ही सुंदर सजाया जाता है और लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाता है। घाट पर छठी मैया के गाने बजाए जाते है जिससे घाट पर एक अलग ही सुकून मिलता है और भक्तिमय माहौल बन जाता है।
– खुशबू, स्थानीय निवासी रोशन नगर

मैं गणपति चौक से शिव मंदिर के पीछे बने घाट पर ही पूजा करने आती हूं क्योंकि यहां के जैसा माहौल कही भी नहीं रहता है। ये घाट इतना सुंदर सजा होता है कि मेरा मन और किसी घाट पर जाने का करता ही नहीं है। यहां पर महिलाओं को सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाता है जो और किसी घाट पर तो नहीं होता है।
– सीमा, स्थानीय निवासी गणपति चौक

