New Delhi/Alive News: नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला। नई संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक निकाले जा रहे इस मार्च को पुलिस ने कई जगह रोक दिया। मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए।
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाया। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने बस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कुछ नेता बस से उतरकर आकाशवाणी भवन की ओर चले गए। पुलिस ने उन्हें वहां से भी बाहर कर दिया। चुनाव आयोग का कार्यालय आकाशवाणी भवन से करीब 270 मीटर दूर बताया गया है।
मार्च के दौरान पुलिस ने विपक्षी नेताओं को कई बार बैरिकेड लगाकर रोका। इस दौरान राहुल गांधी तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़ते हुए भी नजर आए। राहुल गांधी के हाथ में ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ लिखा पोस्टर भी दिखाई दिया।
विपक्ष की पांच प्रमुख मांगें
विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। विपक्ष ने मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस और अपील का अवसर देने की मांग की है।
विपक्षी दलों ने SIR को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं। इसके अलावा विपक्ष ने भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग की है।
विपक्ष ने EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई है। साथ ही INDIA ब्लॉक के दलों से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की गई है।
अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी भी हिरासत में
मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
RJD सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कठपुतली’ बताया। वहीं, सपा सांसद जया बच्चन ‘PDA के वोट काटने’ के दावे वाला पोस्टर लेकर प्रदर्शन में पहुंचीं।
कांग्रेस ने रखीं तीन मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को लेकर पार्टी की तीन मांगों को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताया है। इनमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है।
कांग्रेस ने SIR को लेकर भी आरोप लगाए हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा है कि पार्टी SIR के ऐलान के बाद से ही इसका विरोध कर रही है और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए इसे जनादेश का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की चिंता नहीं, बल्कि चुनाव में हार की खीझ है।
वहीं, विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनका प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
दिल्ली में ट्रैफिक पर असर
विपक्षी मार्च को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक को नियंत्रित और डायवर्ट किया गया। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से संसद मार्ग, अशोक रोड, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।

