September 11, 2026

उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस से पूछा- क्या कश्मीरियों को जेल भेजना चाहती है पार्टी?

वंदे मातरम विवाद पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान

Srinagar/Alive News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वंदे मातरम के पूरे संस्करण को लेकर उठे विवाद पर कांग्रेस से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में लागू नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करना सरकार की जिम्मेदारी है। वंदे मातरम के दौरान नियमों का उल्लंघन करने के कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, “कांग्रेस क्या चाहती है कि कश्मीरियों को इस वजह से जेल में डाल दिया जाए?” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जिम्मेदारियां और किसी राजनीतिक पार्टी के फैसले अलग-अलग होते हैं।

दरअसल, सोमवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण प्रस्तुत किया गया था। इस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के साथ खड़े रहने और वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो पैरा गाने के अपने रुख को बनाए रखने की अपील की थी।

पार्टी की विचारधारा और सरकार की जिम्मेदारी अलग

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पार्टी के तौर पर कभी वंदे मातरम को नहीं अपनाया है और भविष्य में भी यह पार्टी के राजनीतिक और वैचारिक फैसले का विषय रहेगा। लेकिन सरकार के रूप में कानूनी नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में लागू नियम केवल जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में लागू होते हैं। उमर ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएंगे।

कांग्रेस का फैसला- केवल दो पैरा गाए जाएंगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने फैसला किया था कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के छह में से केवल शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला स्वतंत्रता दिवस के दौरान पार्टी मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया था।

बीजेपी ने कांग्रेस पर पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूरा संस्करण नहीं गाकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप लगाया था।

वंदे मातरम और जन गण मन को लेकर नए निर्देश

केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन के गायन और बजाने को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम में दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद जन गण मन होगा।

यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत है, तो तय क्रम में पहले राज्य गीत, फिर वंदे मातरम और अंत में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा।

वंदे मातरम के पूरे संस्करण को लेकर राजनीतिक बहस के बीच उमर अब्दुल्ला के बयान ने जम्मू-कश्मीर और राष्ट्रीय राजनीति में इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।