Faridabad/Alive News: सराय ख्वाजा राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर रक्तदान करने के बारे जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें बच्चों और उनके अभिभावकों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष अक्टूबर मास के प्रथम दिवस को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है डॉ जय गोपाल जॉली के जन्मदिन पर उनके द्वारा किए गए अपार योगदान को पहचानने और स्मरण करने के लिए एक अक्टूबर को भारत में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में उन्हें ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन का जनक माना जाता है। डॉ. जे जी जॉली एक भारतीय चिकित्सक और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ भारत में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के एमेरिटस प्रोफेसर हैं। वह रक्त आधान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने माने विशेषज्ञ थे जिन्होंने भारत में स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन का नेतृत्व किया और उन्हें भारत में आधान चिकित्सा का जनक माना जाता है। उन्होंने भारत में पेशेवर दाताओं से रक्त की बिक्री और खरीद पर रोक लगाने के अभियान का नेतृत्व किया जिसके बाद से उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत की राष्ट्रीय रक्त नीति में शामिल किया गया। उन्होंने 1 अक्टूबर को रक्तदान दिवस मनाकर लोगों में रक्तदान कार्यक्रमों के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा की है। इससे स्वैच्छिक दाताओं से पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण रक्त प्राप्त करने में मदद मिली है।
प्राचार्य मनचंदा ने बताया कि इस वर्ष स्वैच्छिक रक्तदान दिवस का थीम रक्त दो, आशा दो, हम मिलकर जीवन बचाएंगे रखा गया है। रक्त का कोई विकल्प नहीं है आप और हम ही रक्तदान कर के अमूल्य जीवन की रक्षा कर सकते हैं। प्राचार्य और विद्यालय की प्राध्यापिका गीता, सुशीला, ममता, सरिता, जितेंद्र गोगिया, राहुल रोहिल्ला तथा जे आर सी वालंटियर्स ने राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर पेंटिंग बना कर रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए पोस्टर मेकिंग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहने पर शालू, अनम और मोनिका सहित सभी प्रतिभागी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए सभी को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया।

