March 9, 2026

मोदी को मालदीव दौरे से पहले वहां आतंकी बताया गया

Delhi/Alive News: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साले और सलफी जमीयत के नेता शेख अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम ने पीएम मोदी को आतंकवादी कहा और उन पर बाबरी मस्जिद तोड़ने का आरोप लगाया है।

मालदीव के अखबार अधाधु की रिपोर्ट के मुताबिक विवाद बढ़ने के बाद अब्दुल्लाह ने सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दी। फिलहाल मालदीव सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

पीएम मोदी 25 जुलाई को मालदीव के दौरे पर जाने वाले हैं। यहां वे 26 जुलाई को होने वाले मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे।

राष्ट्रपति के साले ने कहा- मोदी को मालदीव बुलाना बड़ी गलती। शेख अब्दुल्लाह ने एक्स पर की गई पोस्ट में लिखा था- मोदी इस्लाम के सबसे बड़े दुश्मन हैं, वे आतंकवादी हैं। उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराई है, पुरानी मुस्लिम जमीनों को लूटा और अहमदाबाद को कब्रिस्तान में बदल दिया। उन्हें मालदीव बुलाना बड़ी गलती है।

शेख अब्दुल्लाह मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पत्नी साजिदा मोहम्मद की ओर से बनाए गए एक संगठन से जुड़ा है।

पीएम मोदी की यह तीसरी मालदीव यात्रा

पीएम मोदी 25 जुलाई को मालदीव पहुंचेंगे। 26 जुलाई को वहां के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान वे द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। यह मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करेगी।

मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ अक्टूबर 2024 में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते पर काम शुरू किया है।

पीएस मोदी की पिछली दो मालदीव यात्रा

नवंबर 2018: पीएस मोदी, राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे। इस दौरान उन्होंने मालदीव के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
जून 2019: मोदी ने मालदीव की राजकीय यात्रा की, जिसमें उन्होंने मालदीव की संसद (मजलिस) को संबोधित किया और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था।

पूर्व राष्ट्रपति बोले- भारत ने मालदीव की इकोनॉमी बचाई

मोहम्मद मुइज्जू के साले के उलट मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि अगर भारत नहीं होता तो हमारी इकोनॉमी बर्बाद हो जाती। नशीद ने एएनआई से बातचीत में कहा कि उनके देश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि अगर भारत ने समय पर मदद न की होती, तो मालदीव दिवालिया (डिफॉल्टर) हो गया होता।

2022-23 में पर्यटन ठप होने से मालदीव गहरे आर्थिक संकट में चला गया था। उस पर विदेशी कर्ज बढ़ गया था और डॉलर की भारी कमी थी। भारत ने अनाज-ईंधन सप्लाई और क्रेडिट लाइन देकर मालदीव को डिफॉल्ट होने से बचाया था। नशीद का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे के ठीक पहले आया है।