Faridabad/Alive News: शिक्षा का अधिकार है आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों की जानकारी नहीं देने वाले प्राइवेट स्कूलें के खिलाफ शिक्षा निदेशालय ने कार्रवाई की है। बल्लभगढ़ और फरीदाबाद ब्लाक के ऐसे 124 प्राइवेट स्कूलों का एमआईएस प्रबंधन सूचना प्रणाली पोर्टल बंद कर दिया गया है। इन पर जुर्माना लगाने की भी तैयार है। निदेशालय और स्कूलों के बीच हो रही खींचतान के कारण बच्चों को नुकसान हो रहा है। शैक्षणिक सत्र के छह महीने बीत जाने के बाद भी बच्चों के दाखिले नहीं हो पा रहे है। आरटीई के तहत दाखिला प्रक्रिया अप्रैल से शुरू हुई थी। इससे पहले निदेशालय की ओर सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों की जानकारी मांगी गई थी, ज्यादातर स्कूलों ने निदेशालय के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण प्रक्रिया देरी से शुरू हुई। बता दे कि शहर में एक हजार से अधिक स्कूलों वर्तमान में संचालित हो रहे है, इनमें से 124 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने आज तक सीटों की जानकारी साझा नहीं की है।निदेशालय में सख्ती बरतते हुए इन स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया गया है। वहीं कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने निदेशालय के डर से सीटों की जानकारी तो दे दी, लेकिन दाखिला लेने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों पर भी निदेशालय की नजर है। बताया जा रहा है कि ऐसे स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार के तहत 25 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए आरक्षित होती है। योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। ऐसे विधाथियो की फीस का भुगतान सरकार की और से की जाती है। लेकिन कई प्राइवेट स्कूल मनमानी करते हुए दाखिला नहीं दे रहे हैं। ऐसे स्कूलों में निदेशालय सख्ती से निपट रहा है।
क्या कहना है जिला समन्वयक का
जिन प्राइवेट स्कूलों ने आरटीआई के तहत सीटों की जानकारी नहीं दी तथा उन्होंने बच्चों को दाखिला नहीं दिया है। निदेशालय के आदेशानुसार उनकी सूची बनाकर भेज दी गई है। निदेशालय की ओर से कार्रवाई की जा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है कि बच्चों को दाखिला मिल सके।
-नरेश कुमार, जिला समन्वयक, आरटीई

