October 8, 2026

राशन डिपो में लगेंगी माइक्रो एटीएम मशीन, फरीदाबाद में शुरू होगा प्रोजेक्ट

Chandigarh/Alive News: हरियाणा में स्थित करीब 9500 राशन डिपुओं में ‘माइक्रो एटीएम’ मशीन लगाई जाएंगी। इससे ग्रामीण अपने घर के नजदीक ही पैसे जमा कर सकेंगे और निकाल सकेंगे। बैंक में बैलेंस को भी माइक्रो एटीएम जरिये चेक किया जा सकेगा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने वीरवार को एक कंपनी द्वारा तैयार की गई मशीन का डेमो देखते हुए यह बात कही।

राज्य मंत्री अनूप धानक के साथ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल तथा पंचकूला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह मशीनें लगाई जाएंगी। राशन डिपो से राशन लेने वाले गरीब व्यक्ति ‘पीओएस’(प्वाइंट आफ सेल) मशीन के माध्यम से ही अपने राशन का भुगतान कर एटीएम की तरह अतिरिक्त पैसे भी निकलवा सकेंगे।

राशन कार्ड होल्डरों के अलावा आसपास के अन्य लोग भी माइक्रो एटीएम से पैसे निकलवा या जमा करवा सकेंगे। डिपो होल्डरों को बैंक की सहायता करने की एवज में कमीशन मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। डिपो होल्डरों को पहले उक्त मशीनें चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में 9500 डिपो के माध्यम से बीपीएल परिवारों को सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध करवाया जाता है। पारदर्शिता लाने के लिए गरीबों के हित में प्रदेश सरकार ने ‘पीओएस’ मशीन के माध्यम से राशन वितरण का कार्य शुरू किया था।

अब इन्हीं डिपुओं के माध्यम से ‘माइक्रो एटीएम’ मशीनें लगाकर लोगों को स्थानीय स्तर पर पैसे के लेन-देन की सुविधा दी जाएगी। हरियाणा में निजी उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाने के बाद अब प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर ढूंढ़े हैं। वन ब्लाक-वन प्रोडक्ट के तहत प्रदेश में करीब छह हजार एकड़ में 140 क्लस्टर बनाए जाएंगे। इनमें करीब 14 हजार नई एमएसएमई खुलने की उम्मीद है जिनमें तीन-साढ़े तीन लाख लोगों को अपने गांव-कस्बे के पास ही रोजगार मिल सकेगा। करीब 25 से 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महत्वाकांक्षी योजना “प्रोग्राम टू एक्सलरेट डेवलपमेंट फार एमएसएमई एडवांसमेंट (पदमा) लांच कर दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और श्रम मंत्री अनूप धानक उनके साथ थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में करीब 300 बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं जिनमें दो-ढाई लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इसके उलट नौ लाख छोटी एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों में करीब 20 लाख लाेग कार्यरत हैं।