Faridabad/Alive News: दिल्ली में बीएस-6 मानक से नीचे यानी बीएस-4 डीजल और बीएस-3 पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है। प्रतिबंध का असर दिल्ली से सटे शहर के पेट्रोल पंपों पर साफ तौर पर दिखने लगा है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। इसके साथ ही हरियाणा और दिल्ली यातायात पुलिस ने सराय टोल प्लाजा, बदरपुर बॉर्डर पर वाहनों का जांच अभियान भी तेज कर दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर बीएस-4 डीजल और बीएस-3 पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लग गया है। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना पीयूसी प्रमाणपत्र के पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। जिसका असर दिखने लगा है। वाहन मालिक अब तेजी से पीयूसी प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं। इसी के चलते प्रहलादपुर बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर के आसपास पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। सरकार के इस कदम से पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाने वालों की पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ रही है।
राय टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच कर रहे यातायात कर्मी आनंद मोहन ने बताया कि मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। इसके अलावा डीजल वाहनों की संख्या को रजिस्टर में नोट किया जा रहा है। उन्होंंने बताया कि मार्ग से ज्यादातर सीएनजी वाहन ही गुजर रहे हैं और जो वाहन बीएस छह मानक के नीचे हैं, उनका चालान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हालात सामान्य बने हुए हैं।
लगातार बढ़ रहा है प्रदूषण
प्रशासन की पाबंदियों का कोई खास असर फिलहाल देखने को नहीं मिल रहा है। प्रदूषण कम होने के बजाय बढ़ता नजर आया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शाम 4 बजे जारी होने वाली वायु गुणवत्ता सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार को बल्लभगढ़ का एक्यूआई 303 दर्ज किया गया था। वहीं शुक्रवार को यह बढ़कर 324 पर पहुंच गया, जो वायु गुणवत्ता की बहुत खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा सेक्टर-11 का 329, एनआईटी का एक्यूआई 213 दर्ज किया गया।

