Bhiwani/Alive News : हरियाणा के भिवानी की 19 वर्षीय लेडी टीचर मनीषा का वीरवार को 9 दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मनीषा को उसके छोटे भाई नितेश ने मुखाग्नि दी। उसी दौरान पिता संजय फूट – फूट कर राेये। उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। मनीषा के शव को गुरुवार सुबह 8 बजे भिवानी के सिविल अस्पताल से सीधा गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट लाया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मनीषा को अंतिम विदाई देने पहुंचे। उन्होंने मनीषा को अमर रहे के नारे लगाए।
लेकिन सरकार ने अभी भी भिवानी में लायन एंड आर्डर लागू किया हुआ है। जिस वजह से भिवानी में इंटरनेट बैन को 22 अगस्त सुबह 10 बजे तक के लिए बढ़ा दिया था। पहले यह 19 अगस्त की सुबह 11 बजे से 21 अगस्त की सुबह 11 तक बंद कर दिया था। वहीं चरखी दादरी से इंटरनेट बैन हटा दिया गया है। उन्होंने बताया की 11 अगस्त को उसकी लाश मिली थी। जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। लेकिन पुलिस ने मनीषा का पहला पोस्टमार्टम भिवानी के सिविल अस्पताल में कराया था। मगर परिजनों ने लाश लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने मनीषा की हत्या की आशंका जताई थी और पुलिस को भी आरोप लगाए थे।
इसके बाद पिता संजय ने अंतिम संस्कार की सहमति ले ली। लेकिन संस्कार ढाणी लक्ष्मण के लोग भड़क गए और उन्होंने अंतिम संस्कार भी नहीं होने दिया। गांव के रास्ते बंद कर दियये थे। जिसके बाद परिवार ने बीते बुधवार को मनीषा की मौत की सीबीआई जांच और दिल्ली एम्स में फिर से पोस्टमार्टम कराने की मांग की और सरकार दोनों मांगों पर राजी हो गए।
सीएम ने भी सीबीआई जांच का ऐलान किया और दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया था। इसके बाद ही मनीषा की लाश वापस भिवानी अस्पताल लाई गई और 21 अगस्त को अंतिम संस्कार कराया गया।

