Faridabad/Alive News : जिले से सरकारी स्कूलों में मौजूद फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब की स्थिति बहुत जल्द सुधरने वाली है। पुराने और जर्जर लैब की मरम्मत की जाएगी। जरुरत के अनुसार स्कूलों में भवन का निर्माण कराया जाएगा। राजकीय स्कूलों से लैब और उपकरणों की डिटेल मांगी गई है। शिक्षा निदेशालय छात्राें काे किताबी ज्ञान क साथ – साथ प्रैक्टिकल पर अधिक जाेर दे रहा है।
जिला के राजकीय स्कूलाें में वर्ष 2014 – 15 में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब बनाए गए थे। कई स्कूलाें में लैब की स्थिति खराब है, जिससे छात्राें काे प्रैक्टिकल ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। लंबे समय के शिक्षा निदेशालय ने लंबे समय के बाद लैब की सुध ली है। स्कूलों में भवन कंडम हाे गए हैं, ऐसी स्थिति में पहले लैब का निर्माण कराया जाएगा। जिससे छात्राें की पढ़ाई प्रभावित न हाे सके। वही पुराने लैब काे अपडेट किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था काे सुधारने की स्थिति में सुधार किया जा रहा है।
स्कूलों में प्रैक्टिकल के लिए मिली किट छठी से बारहवीं कक्षा के छात्राें काे लिए स्कूलाें काे हर वर्ष किट प्रदान की जाती है। निदेशालय की ओर से स्कूलाें काे किट जारी की गई है। लगभग सभी स्कूलों में किट पहुंच चुकी है। इसमें प्रैक्टिकल से संबंधित उपकरण हाेते हैं। जिन स्कूलाें में बच्ची की संख्या कम और किट ज्यादा है, वहां से दूसरे स्कूलाें में किट भेज दिया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी स्कूलों में किट पहुंच चुकी हैं। जिससे छात्र जीव विज्ञान, भौतिक, रसायन विज्ञान के विषयों से संबंधित प्रैक्टिकल कर सकेंगे।
शिक्षा निदेशालय की ओर से सरकारी स्कूलों की किट दी गई हैं। छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के प्रैक्टिस करने के लिए किट में सभी उपकरण हैं। फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी के विद्यार्थियों प्रैक्टिकल की ज्यादा जरूरत होती है। रिएक्शन और थ्योरी प्रैक्टिकल के बाद बेहतर तरीके से समझ आती है। लेब की स्थिति काे सुधारने पर भी काम किया जा रहा है।
– श्रीकृष्ण शर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ

