Religion/Alive News: चैत्र नवरात्रि चल रही हैं। 5 अप्रैल को नवरात्रि की महाअष्टमी तिथि है और 6 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी। नवरात्रि की ये दोनों तिथियां बहुत अहम होती हैं। यूं कहें कि नवरात्रि की अष्टमी तिथि मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए साल का सबसे सुनहरा मौका होता है। यदि इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें, हवन, कन्या-पूजन करें साथ ही कुछ उपाय कर लें तो अपार सुख-समृद्धि पाई जा सकती है। साथ ही कई तरह के कष्टों से निजात पाई जा सकती है।
जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या चल रही है या शनि के अशुभ प्रभाव से पीडि़त हैं, वो लोग अष्टमी-नवमी के दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करें। दरअसल, अष्टमी और नवमी तिथि पर शनि का भी प्रभाव रहता है। मां दुर्गा की पूजा करने से शनि के कष्ट दूर होते हैं।
यदि आप किसी कष्ट में हैं या कोई संकट आन पड़ा है तो अष्टमी के दिन पीपल के 11 पत्ते लें। हर पत्ते पर सिंदूर से राम नाम लिखें और पत्तों की माला बनाकर हनुमानजी को पहना दें। आपके कष्ट चुटकियों में दूर होंगे।
यदि धन-समृद्धि पाना चाहते हैं तो महाअष्टमी को मां दुर्गा की पूजा में एक पान के अंदर गुलाब की 7 पंखुडि़यां रखकर अर्पित करें। इससे सुख-समृद्धि का वरदान मिलेगा।
किसी मनोकामना की पूर्ति की प्रार्थना करना चाहते हैं तो मां दुर्गा की पूजा करते समय लाल रंग के कंबल को आसन बनाकर बैठें। मान्यता है कि इससे जल्द मनोकामना पूरी होती है। साथ ही मातारानी को लाल चुनरी समेत पूरा श्रृंगार अर्पित करें। किसी सुहागन महिला को सुहाग से जुड़ी चीजें जैसे- सिंदूर, बिछिया आदि सम्मानपूर्वक भेंट करें।
नोट- अलाइव न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता।