June 26, 2026

नवरात्रि के छठे दिन जानिए मां कात्यायनी की पूजा विधि

Faridabad/Alive News: हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत ही महत्व होता है। इस बार नवरात्र नौ दिन की नहीं बल्कि दस दिनों तक धुमधाम से मनाई जाएगी। नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर भक्त मां कात्यायनी  की पूजा करते है तो उनके घर में सुख और समृद्धि आती है साथ ही मनचाहा फल प्राप्त होता है। मां  कात्यायनी  के स्वरुप को सफलता व यश का प्रतीक माना जाता है। 

कैसा है मां कात्यायनी का स्वरूप
मां कात्यायनी की सवारी सिंह होती है साथ ही उनकी चार भुजाएं है जिसमें से दो भुजाओं में मां कमल और तलवार धारण करती है। उनकी एक भुजा वर मुद्रा में और दूसरी भुजा अभय मुद्रा में होती है। 

क्या है मां कात्यायनी की पूजा विधि
सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करे। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करें। अब मां दुर्गा की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराये। इसके बाद मां को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें। मां को रोली, चंदन, कुमकुम, इलायची, श्रृंगार का सामान, फल व मिठाई अर्पित करें साथ ही मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं। इसके बाद मां कात्यायनी के मंत्रों का जप कर और उनकी आरती करे।

क्या है मां कात्यायनी का प्रिय पुष्प
 मान्यता है कि मां कात्यायनी को लाल रंग के पुष्प अतिप्रिय है।नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा को लाल गुलाब या लाल गुड़हल का पुष्प अर्पित करने से साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। 

क्या है मां कात्यायनी का प्रिय भोग
मां कात्यायनी को शहद का भोग अतिप्रिय है। इसके अलावा मां को मिठाई, हलवा, गुड या मीठे पान का भोग भी लगाया जाता है।

क्या है मां कात्यायनी का प्रिय रंग
मां कात्यायनी को पीला रंग बहुत प्रिय है। उनकी पूजा करते समय पीले रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ होता है।