Prabhjot Kour/Alive News
Faridabad: करवा चौथ का व्रत परंपरागत रूप से पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ इस पर्व को मनाने का तरीका भी बदल रहा है। अब कई पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखकर इस परंपरा में सहभागी बन रहे हैं। उनके लिए यह केवल व्रत रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनसाथी के प्रति प्यार, सम्मान और साथ निभाने का प्रतीक भी है। पति-पत्नी दोनों मिलकर दिनभर व्रत रखते हैं और रात को चांद देखने के बाद साथ में व्रत खोलते हैं।
प्यार और साथ का प्रतीक बन रहा व्रत
पहले जहां करवा चौथ पर व्रत रखने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाओं की मानी जाती थी, वहीं अब कुछ परिवारों में पति भी अपनी पत्नी के साथ उपवास रखते हैं। उनका मानना है कि जब जीवन के हर सुख-दुख में दोनों एक-दूसरे का साथ निभाते हैं, तो त्योहारों की खुशियां भी मिलकर मनानी चाहिए। इससे न केवल आपसी समझ बढ़ती है, बल्कि रिश्ते में अपनापन भी मजबूत होता है।
सोशल मीडिया से भी मिल रही प्रेरणा
आजकल सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई दंपतियों की तस्वीरें और वीडियो देखने को मिलते हैं, जिनमें पति अपनी पत्नी के साथ करवा चौथ का व्रत रखते नजर आते हैं। इससे इस बदलती परंपरा को चर्चा मिल रही है। हालांकि, हर परिवार में व्रत रखने का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन इसका मूल भाव एक-दूसरे के प्रति प्रेम और विश्वास बनाए रखना है।

क्या कहना है महिलाओं का मेरे पति वैसे तो ज्यादा व्रत नहीं रखते हैं, लेकिन इस साल उन्होंने कहा है कि वह भी मेरे लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगे। यह सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा।
— सिमरन, निवासी बसंतपुर

मेरे पति हर साल मेरे लिए करवा चौथ का व्रत रखते हैं। इस साल भी वह मेरे साथ व्रत रखेंगे। इससे मुझे बहुत अच्छा लगता है और हम दोनों मिलकर यह त्योहार मनाते हैं।
— आरती, निवासी सेक्टर-23

