Faridabad/Alive News : ईएसआई कारपोरेशन (राज्य कर्मचारी बीमा निगम ) की ओर से लगभग 32 वर्ष पहले सेक्टर-आठ में बनाए गए 200 बिस्तर के ईएसआई ईएसआई का अब तक सही तरीके से सदुपयोग नहीं हो पाया है। यहां सिर्फ 50 बिस्तर का अस्पताल चल रहा है। प्रथम तल से दूसरे, तीसरे और चौथे तल पर जाने वाला रास्ता बंद पड़ा है। ईएसआई कारपोरेशन मुख्यालय दिल्ली और ईएसआई हेल्थ केयर विभाग हरियाणा की ओर से अब तक इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया है। इस कारण अस्पताल से लगभग पांच लाख कार्डधारकों के परिवार को इलाज के लिए परेशानी झेलनी पड रही है। साथ ही उनके परिवार का इलाज भी अस्पताल में किया जाता है। इसी उद्देश्य से सेक्टर – आठ में 200 बिस्तर के अस्पताल की इमारत बनाई गई थी, मगर सिर्फ 50 बिस्तर का अस्पताल ही चालू किया जा सका है।
बता दें कि कार्डधारक व उनके परिवार के इलाज की एवज में हर महीने श्रमिक के वेतन में से पैसा कटता है। अस्पताल की इमारत व ढांचागत व्य़वस्था करना कारपाेरेशन तथा अस्पताल व डिस्पेंसरियाें का संचालन ईएसआइ हेल्थ केयर विभाग, हरियाणा के अंतर्गत है। पिछले कई वर्षा में दाेनाें ही विभाग अदासीन रहे, जबकि श्रमिक संगठनाें ने इस मुदे काे कई बार प्रमुखता से उठाया था। हालांकि तीन नंबर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के चालू होने से कार्ड धारकों को राहत मिली है, मगर जहां भी मरीजाें काे सीटी स्कैन एमआरआई तथा अल्ट्रासाउंड के लिए महीनों बाद की तारीख मिलती है।
दवा के लिए भी घंटों लाइन में लगना पड़ता है। कार्डधारकों का कहना है कि अगर सेक्टर -आठ में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और 200 बिस्तर का अस्पताल चालू किया जाएगा तो बड़ी राहत मिलेगी।
क्या कहना है ईएसआई कार्ड धारकों का
बीमार होने पर मै पहले सेक्टर -55 ईएसआई डिस्पेंसरी जाता हूं। वहां दवा नहीं मिलती है तो सेक्टर – आठ अस्पताल जाता हूं। कई बार वहां भी दवा उपलब्ध नहीं होती, फिर एनआईटी तीन के अस्पताल में जाना पड़ता है। अगर सारी दवाएं और सुविधाएं सेक्टर -आठ के अस्पताल में मिलने लगे तो बड़ी राहत मिल पाएगी।
– गजेंद्र सिंह, सरुरपुर।
मैने कई बार एसआई हेल्थ केयर और कारपोरेशन के अधिकारियों के सामने मुद्दा उठाया। सेक्टर – आठ के अस्पताल में सुविधाएं व बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाती है। तो कार्डधारकों की परेशानी दूर हो जाएगी।
– बेचू गिरी, नेता श्रमिक संगठन।
अस्पताल में सीटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा जल्दी ही मिलने वाली है। 200 बिस्तर का अस्पताल चालू करने के लिए कारपोरेशन के उच्चाधिकारियों के साथ ही सरकार को अवगत कराया जाएगा। प्रस्ताव बना कर सैद्धांतिक मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद ही नियुक्ति के लिए जरूरी स्टाफ की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट देने के साथ ही पहले चरण में 100 बिस्तर के अस्पताल को चालू करने के लिए प्रस्ताव बना कर भेजने को कहा है। स्टाफ की कमी पूरी की जाेएगी।
-डाॅ अनिल मलिक, निदेशक, एसआई हेल्थ केयर।

