Faridabad/Alive News: सेक्टर-16 स्थित किसान भवन में जाट समाज फरीदाबाद के पूर्व राज्यपाल एवं किसान नेता स्व. चौधरी सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर पूर्व आईपीएस महेंद्र श्योराण ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने हमेशा गरीब और किसान वर्ग के लिए आवाज बुलंद की। ग्रामीण आंचल की धरती से जुड़े सत्यपाल मलिक का जन्म 24 जुलाई 1946 को हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिसवाड़ा गांव के रहने वाले थे। उनका जन्म एक जाट परिवार में हुआ था।
उन्होंने मेरठ कॉलेज से विज्ञान स्नातक और एलएलबी की डिग्री हासिल की और अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने 1968-69 में मेरठ कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में की। 1974-77 तक वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे और 1980 से 1989 तक राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। 1989 से 1991 तक वह जनता दल के सदस्य के रूप में अलीगढ़ से नौवीं लोकसभा के सांसद रहे। संस्था के महासचिव एवं पूर्व सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन एच.एस. मलिक ने कहा कि अपने राजनैतिक सोच और लोगों की सेवा से जुड़े होने के कारण कई राज्यों में राज्यपाल के पद से भी नवाजे गए।
उन्होंने कहा कि सत्यपाल मलिक ने अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल यानी अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया। वह बिहार, गोवा और मेघालय के राज्यपाल भी रहे।
इस अवसर पर एच.एस. ढिल्लों, टी.एस. दलाल, योगेंद्र फोर, आर.एस. राणा, शिवराम तेवतिया, विंग कमांडर मान, चौ. फूलसिंह, अजीत मलिक, जितेंद्र चौधरी, वेदपाल दलाल, रामरतन नरवत सहित संस्था के अनेक लोगों ने सत्यपाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

