Faridabad/Alive News: राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अब हर दिन मिड-डे मील से जुड़ा डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करना होगा। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने यह आदेश उन जिलों में चल रही मिड-डे मील और फर्जी दाखिले की जांच के बीच जारी किए हैं।
अब तक स्कूल महीने में एक बार ही डाटा अपडेट करते थे, लेकिन अब रोजाना अपडेट न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस्कॉन भेज रहा है फरीदाबाद के स्कूलों में खाना
फरीदाबाद जिले के 378 सरकारी स्कूलों में लगभग 1.25 लाख बच्चे पढ़ते हैं। यहां कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत रोजाना मिड-डे मील मिलता है।
भोजन में राजमा-चावल, छोले-चावल, मीठे चावल, खीर और अन्य पोषक भोजन शामिल है। पिछले कुछ महीनों से बच्चों को मिल्की बार भी दी जा रही है।
फरीदाबाद में मिड-डे मील का खाना इस्कॉन की ओर से तैयार कर भेजा जाता है। पारदर्शिता के लिए अब भोजन और विद्यार्थियों से जुड़े सभी डाटा को ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
15 सरकारी स्कूलों की रिपोर्ट भेजी गई
कई जिलों में मिड-डे मील और फर्जी दाखिलों की जांच सीबीआई कर रही है। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के 15 सरकारी विद्यालयों की रिपोर्ट विभाग ने भेजी है।
रिपोर्ट में साल 2014-15 और 2015-16 के विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रवेश-निकासी रजिस्टर, छात्रवृत्ति, वर्दी, स्टेशनरी, बैग और मिड-डे मील से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
अगले सप्ताह सीबीआई की टीम फरीदाबाद आकर स्कूलों की जांच कर सकती है।
अधिकारी का बयान
“सभी सरकारी स्कूलों के लिए मिड-डे मील का डाटा नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है।”
— डॉ. मनोज मित्तल, उप जिला शिक्षा अधिकारी

