March 9, 2026

दशहरा मैदान के मेले में रेहड़ी -पटरी दूकानदारों से मोटी वसूली का अंदेशा, दुकानदार डर के साए में

Faridabad/Alive News: नगर निगम ने इस दशहरा मैदान का ठेका किसी प्राइवेट कंपनी को ठेका सौंपा जाने की बात सामने आ रही है और इस बार रेहड़ी -पटरी दुकानदारों से पर्ची काटकर मोटी रकम वसूली की चर्चा से दशहरा मेले में रेहड़ी पटरी लगाने वाले दुकानदार सहमे हुए हैं । हालांकि निगम प्रशासन ने दो दिन पहले दशहरा ग्राउंड एनआईटी से वीवीआईपी मूवमेंट के नाम पर रेहड़ी -पटरी दुकानदारों को खदेड़ दिया गया था। इसके विरोध में सामाजिक संस्था और समाजसेवियों ने विरोध किया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकार समिति के अध्यक्ष दीनदयाल गौतम ने आरोप लगा है कि नगर निगम ने इस साल दशहरा मैदान का ठेका प्राइवेट कंपनी को दे दिया है। जो रेहड़ी और पटरी के गरीब दुकानदारों को दशहरा ग्राउंड में वीवीआईपी मूवमेंट की झूठी अफवाह फैलाकर खदेड़ रहे है। इस साल मेला परिसर में भ्रष्टाचार की भी शुरुआत हो गई है।  उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को चेतावनी देते हुए बताया कि उनके खिलाफ कभी भी प्रदर्शन किया जा सकता है।

क्या कहना है दुकानदारों का
दुकानदार संतोष ने जानकारी देते हुए बताया कि वह 10 साल से दशहरा ग्राउंड के मेले में अपने खिलौने की दुकान लगा रहे हैं। लेकिन इस साल नगर निगम ने पुलिस की सहायता से उनकी दुकानों को दशहरा मेला ग्राउंड से हटा दिया है। उनकी तरह कई दुकानदार अलग अलग जगह से लाखों रुपये का कर्ज लेकर इस दशहरा ग्राउंड के मेले में अपनी दुकान लगाने आते है ताकि वह अपनी जीविका चला सके और अपने बच्चों को पालन पोषण सके। अब वह अपनी दुकान दशहरा ग्राउंड के बाहर लगा रहे हैं। उन्हें यह भी डर है कि कही उन्हें यह से भी न हटा दिया जाए और जो मेले में व्यापार के लिए जो पूंजी लगाई है वह बेकार न जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मेले के जरिए दुकानदारों का बहुत अच्छा व्यापार होता था लेकिन इस साल नगर निगम  के अधिकारी ने गरीब दुकानदार के पेट पर लात मारी है ।

दुकानदार आशु ने कहा कि वह पिछले 40 साल से दशहरा ग्राउंड  के अंदर अपनी दुकान लगा रही है पर ऐसा कभी नहीं हुआ जैसा अब हो रहा है। वीवीआईपी के नाम पर बस उनकी दुकानों को हटाने की कोशिश की जा रही है । अगर विविआईपी की ही बात है तो ये रोड सही क्यों नहीं है। इसमें इतने गड्ढे क्यों है ? ये रोड नगर निगम के सामने से गुजरता हुए दशहरा ग्राउंड जाती है। बस ये रोड  नगर निगम के सामने से ही ठीक है जबकि पीछे से खड्डों में तब्दील हो चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब वोट मांगने होता है तो हाथ जोड़ते हुए नेता आते है। अब जब गरीब दुकानदार के साथ इतना गलत हो रहा है तो कोई भी सामने नहीं आ रहा कोई भी उनका पक्ष नहीं ले रहा है।

इधर, जब हमारे संवाददाता ने इस मामले को लेकर नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर जितेंद्र जोशी से बात की तो उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही।