Faridabad/Alive News: जिले में दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेसवे की लिंक सड़क किनारे अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर राजनितिक दवाब की भेंट चढ़ गई। जैसा की पहले ही अनुमान लगाया जा रहा था, ठीक वैसा ही हुआ।
बीपीटीपी पुल से लेकर सेक्टर – आठ सर्वोदय चौराहे तक आगरा गुरुग्राम नहर किनारे बने हुए शोरुम, मकान – दुकान सहित अन्य 145 अवैध दुकान निर्माण को तोड़ने के लिए नोटिस तो भेजे गए लेकिन इसके बाद की कार्रवाई नहीं की गई। ठीक ऐसा ही करीब ढाई साल पहले एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान हुआ था। तब यह निर्माण तोड़े जाने थे लेकिन एक पर भी आंच नहीं आ सकी। अवैध निर्माण बचाने के लिए अलाइनमेंट में बदलाव पर सेक्टरों की ओर की ग्रीनबेल्ट में हजारों पेड़ – पौधो की बलि दे दी गई। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा एलिवेटेर पुल बना दिया गया। यह कार्रवाई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग संयुक्त रुप से करनी थी लेकिन दोनों विभाग पीछे हट गए। सवाल यह है कि जब कार्रवाई करनी ही नहीं थी तो नोटिस भेजने का ड्रामा क्यों किया गया। लोगों का मानना है कि अतिक्रमणकारियों का राजनितिक दलों के बड़े नेताओं के साथ संपर्क है और यही वजह है कि जिला प्रशासन कार्रवाई करने में विलंभ कर रही है।
क्या कहना है हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का
सभी निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं और कार्रवाई जरुरी होगी। असल बात। यह है कि फिलहाल अनंगपुर वाले मामले के लेकर पर्याप्त पुलिसबल नहीं मिल पा रहा है। इसलिए कार्रवाई स्थगित हुई है। अवैध निर्माणों को जरुर हटाया जाएगा।
- अनुपमा अंजलि, प्रशासन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण

