Faridabad/Alive News: जिले में टीबी की पहचान के साथ अब संक्रमण को आगे फैलने से रोकने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर है। किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होने के बाद उसके परिवार और संपर्क में रहने वाले लोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग का उद्देश्य संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार शुरू करना है। वर्तमान में जिले में सात हजार से अधिक टीबी मरीज स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
नए मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में स्क्रीनिंग कर रही हैं। टीमें स्लम क्षेत्रों के अलावा कंपनियों, बाजारों, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी पहुंच रही हैं। यहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने का प्रयास किया जा रहा है। स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के संभावित लक्षण मिलने पर लोगों की बलगम समेत जरूरी जांच कराई जाती है। जांच में बीमारी की पुष्टि होने पर मरीज को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित दवाइयां दी जाती हैं। साथ ही उसे निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत कर निक्षय पोषण योजना समेत अन्य सरकारी सुविधाओं से जोड़ा जाता है। मरीजों को नियमित दवा लेने और उपचार पूरा करने के लिए काउंसलिंग भी दी जाती है।
संपर्क में आए लोगों पर भी नजर
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरजिंदर ने बताया कि टीबी मरीज मिलने के बाद उसके संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों की भी स्क्रीनिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण होने पर लोगों को टीबी की जांच करानी चाहिए।

