April 6, 2025

विधानसभा में पारित हुआ हरियाणा लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक

Chandigarh/Alive News : मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हरियाणा लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक 2021 को पारित किया गया। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह विधेयक बहुत जल्द कानून बन जाएगा। इस विधेयक के कानून बनने के बाद पेपर लीक या नकल के दोषी दो साल तक कोई भर्ती परीक्षा नहीं दे सकेंगे। इसके अलावा आरोपी को दो से दस साल की सजा काटने के साथ पांच हजार से दस लाख रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने सदन में पुलिस भर्ती पेपर लीक की सीबीआई जांच कराने को लेकर हंगामा किया। लेकिन सरकार विपक्ष के मुद्दों पर सहमत नहीं दिखी। वहीं कांग्रेस विधायक दल इससे नाराज होकर वॉक आउट कर गए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों को लेकर किसी परीक्षा में नकल या पेपर लीक होता है तो उसके दोषियों को भी नए कानून अनुसार सजा मिलेगी।

सरकार ने इसके लिए एलआर यानी लीगल रिमेंब्रेंस से कानूनी राय ली है। विधेयक को लेकर विपक्ष की अधिकांश आपत्तियां दूर की गईं, वहीं सुझावों को शामिल कर विधेयक का नया ड्राफ्ट सदन पटल पर रखा। सोमवार को सदन में चर्चा के लिए पेश विधेयक मंगलवार को वापस लिया। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक बीबी बत्रा, वरुण चौधरी व जगबीर मलिक ने नए विधेयक में भी अनेक खामियां गिनाई व इसे जल्दबाजी में पारित न करने की सलाह दी। हुड्डा ने कहा कि विश्वविद्यालय स्वायत संस्थान हैं, इन्हें कानून के दायरे में न लाया जाए। यह उनकी स्वायतता में दखल होगा। इसके लिए समिति बनाकर अध्ययन कराएं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नया कानून परीक्षाओं के दौरान नकल को बढ़ावा देने के भागीदारों पर लागू होगा। इससे विश्वविद्यालयों की स्वायतता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। किसी भी भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी में होने वाली परीक्षा के दौरान नकल पर अंकुश के लिए यह काम करेगा। पेपर सेटर से परीक्षा होने तक किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के दोषी इसके दायरे में आएंगे। अगर पेपर लीक या नकल के कारण परीक्षा रद्द होती है तो दोबारा परीक्षा होने पर पूर्व आवेदनकर्ताओं से शुल्क नहीं लिया जाएगा।

नए कानून के तहत पेपर लीक व नकल रोकने के लिए बनाए जाने वाले नियमों को सरकार विधानसभा में सदन पटल पर रखेगी। विधेयक के खंड 13 में इसका प्रावधान किया गया है। नए कानून की गजट अधिसूचना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नियम बनाना जरूरी है।

नए कानून अपराधियों के लिए होंगे नए प्रावधान
परीक्षार्थी के नकल करने, कराने या उकसाने पर दो साल सजा, पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही निरीक्षण टीम, परीक्षा अधिकारी, आयोग के सदस्यों को केंद्र में प्रवेश करने से रोकने या धमकी देने पर भी दो सजा, पांच हजार जुर्माना लगेगा। इसके अलावा परीक्षा आयोजित करने में शामिल व्यक्ति पेपर लीक या नकल कराने में शामिल पाया जाता है तो आरोपी को सात वर्ष सजा व एक से तीन लाख रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है। परीक्षा अधिकारी के साथ मिलकर पेपर लीक, नकल कराने का षड्यंत्र रचने पर सात से दस साल सजा व दस लाख रुपये जुर्माना, कानून के उपबंधों को लागू करने में अगर कोई दिक्कत सरकार को आती है तो इसके लागू होने से दो वर्ष के भीतर राजपत्र में आदेश प्रकाशित कर असंगत नियमों को हटा सकती है।