March 8, 2026

गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट का बड़ा ऐलान: 2025 का गुर्जर महोत्सव बनेगा संस्कृति और विरासत का सबसे बड़ा मंच

Faridabad/Alive News: गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट ने अपने मुख्य ट्रस्टी दिवाकर बिधूड़ी की अगुवाई में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर 2025 में होने वाले गुर्जर महोत्सव की रूपरेखा और ट्रस्ट का विज़न पेश किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कृष्ण आर्य पप्पी ने पूरे कार्यक्रम का संचालन शांत और स्पष्ट अंदाज में किया।

एडवोकेट राजेश खटाना ने बताया कि गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट केवल एक संगठन नहीं, बल्कि गुर्जर समाज की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का एक बड़ा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना और समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करना भी है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष का गुर्जर महोत्सव पहले से अधिक भव्य और विस्तृत होगा। इस बार आर्ट एंड क्राफ्ट मेले को विशेष थीम के रूप में रखा गया है, जिसमें गुर्जर समुदाय की कला और शिल्प को बड़े मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस बार 5 नए बड़े आयोजन जोड़े जा रहे हैं, जिनका खुलासा महोत्सव में ही होगा।

सुंदर चौधरी ने बताया कि ट्रस्ट कला, संस्कृति और इतिहास को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियाँ पहले से चला रहा है, जिन्हें महोत्सव के बाद और बढ़ाया जाएगा। इस बार महोत्सव में लोक कलाकारों और शिल्पकारों को बड़ा मंच, युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता, गुर्जर महापुरुषों के योगदान का प्रचार, पारंपरिक गुर्जरी थाली का प्रसार, सकरात, तीज जैसे त्योहारों का आयोजन, नारी प्रतिभा सम्मान, क्रांति चक्र अवॉर्ड, स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान, सेमिनार, वर्कशॉप और सांस्कृतिक यात्राएं,  गुर्जर संवाद कार्यक्रम, भजन मंच और गुर्जरी फैशन शो और होली गुर्जर गायन कार्यक्रम शामिल होंगे।

ट्रस्ट प्रवक्ता प्रेम कृष्ण आर्य ने कहा कि गुर्जर महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है, जो समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि संस्कृति समाज की आत्मा होती है और अपनी विरासत को संजोना हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट चेयरमैन दिवाकर बिधूड़ी, राजेश खटाना, ज्ञानेंद्र अवाना, वी.पी. नागर, रणदीप चौहान और अंकित पहलवान भी मौजूद रहे।

अंत में ट्रस्ट ने आम जनता से अपील की कि गुर्जर महोत्सव 2025 सिर्फ देखने का नहीं, महसूस करने का मौका है। यह हमारी पहचान और गौरव का संगम है, इसलिए हर गुर्जर और हर भारतीय को इसमें भाग लेना चाहिए।