Faridabad/Alive News: तिकोना पार्क स्थित महारानी वैष्णो देवी मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर पूजा-अर्चना का शुभारंभ धूमधाम के साथ किया गया। मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातःकालीन पूजा-अर्चना एवं हवन यज्ञ का विधिवत आयोजन करवाया।
सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी और भक्तों का तांता लगा रहा। प्रथम नवरात्र के दिन श्रद्धालुओं ने मां माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जगदीश भाटिया ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए माता शैलपुत्री की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। उनकी आराधना से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि माता को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप अत्यंत प्रभावशाली होता है, जिससे वे शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की सभी कामनाएं पूर्ण करती हैं।
उन्होंने आगे बताया कि देवी शैलपुत्री वृषभ (बैल) पर विराजमान हैं। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है। नवदुर्गाओं में माता शैलपुत्री को प्रथम स्वरूप माना जाता है, इसलिए नवरात्र के पहले दिन उनका पूजन विशेष महत्व रखता है।
इस दौरान आयोजित पूजा-अर्चना में उद्योगपति आर.के. बत्रा, पार्षद हरिकृष्ण गिरोटी, प्रदीप झाम, करण भाटिया, धीरज, सोनिया बत्रा, विमल पुरी, प्रीतम धमीजा और विनोद पांडे सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता के समक्ष अरदास लगाई।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर संस्थान की ओर से सभी अतिथियों को माता की चुनरी एवं प्रसाद भेंट किया गया। प्रधान जगदीश भाटिया ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर के कपाट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। इसके साथ ही भक्तों की सुविधा के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि सच्चे मन से माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

