Faridabad/Alive News: राजकीय प्राइमरी स्कूल सीही सेक्टर-7 में कक्षाओं के निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2018 में जिन 15 नए कमरों के निर्माण का शिलान्यास किया गया था, वे सात साल बाद भी पूरे नहीं हो सके। अधूरे ढांचे और उस पर लगा शिलान्यास पत्थर सरकारी तंत्र की उदासीनता की गवाही दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 23 सितंबर 2018 को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और तत्कालीन उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने स्कूल में 15 कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। इसके बावजूद आज तक न तो निर्माण पूरा हुआ और न ही बच्चों को इसका लाभ मिल पाया।
इस मामले को लेकर हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने कड़ा रोष जताया है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा और प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मंच के प्रदेश संरक्षक सुभाष लांबा और वरिष्ठ लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने बताया कि स्कूल की हेडमास्टर और खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जो निर्माण कार्य हुआ भी है, वह अब जर्जर और खंडहर की स्थिति में पहुंच चुका है।
मंच ने बताया कि वर्तमान में स्कूल में 468 विद्यार्थी केवल 9 पुराने कमरों में पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि स्कूल को कम से कम 16 अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता है। कमरों की कमी के कारण बच्चों को बरामदों और खुले स्थानों में पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से भी मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और स्कूल में नए सिरे से 15 कमरों का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए।

