March 7, 2026

गोल मार्केट रूट ट्रैफिक डायवर्जन 15 स्कूलों के 12 हजार बच्चों के लिए बना सिरदर्द

New Delhi/Alive News : गोल मार्केट की सड़क का गलत ट्रैफिक डायवर्जन 15 स्कूलों के 12 हजार बच्चों के लिए सिरदर्द बन गया है। इस डायवर्सन ने स्कूली बच्चों, अभिभावकों और मार्केट के दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डायवर्सन रूट पर सुबह स्कूल, ऑफिस जाने के समय और दोपहर स्कूल छुट्टी के समय भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड रहा है।

आरडब्ल्यूए और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतम धारीवाल ने ट्रैफिक पुलिस और एनडीएमसी से इस समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर मार्ग और कालीबाड़ी मार्ग से आने वाला ट्रैफिक अब गलत दिशा में मोड़ दिया गया है, जिससे भाई वीर सिंह मार्ग, पेशवा रोड और स्कूल लेन पर भीषण जाम की स्थिति बन रही है।

स्कूल लेन में अटल आदर्श एनपी गर्ल्स स्कूल, बंगाली बालिका विद्यालय, जैन हैप्पी स्कूल समेत चार प्रमुख स्कूल है, जहां प्रतिदिन 4000 बच्चे आते-जाते हैं। आरडब्ल्यूए का सुझाव है कि स्कूल लेन (पी-1 से पी-2 तक) को सुबह साढ़े छह से साढ़े आठ बजे और दोपहर साढ़े 12 से ढाई बजे तक पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित किया जाए। इस दौरान वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहे ताकि बच्चे सुरक्षित स्कूल आ-जा सकें।

धारीवाल का कहना है कि आवश्यक वाहनों के लिए भाई वीर सिंह मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास की खाली लेन को वैकल्पिक पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। मंदिर मार्ग से आने वाले वाहनों को भी इसी मार्ग से मोड़ कर पार्किंग की ओर ले जाया जा सकता है। इससे जाम से राहत मिलेगी और ऑफिस जाने वालों को भी सुविधा होगी।

इस क्षेत्र में एनडीएमसी के 15 से ज्यादा स्कूल है जिनमें 12 हजार से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इनमें वाल्मीकि मंदिर स्कूल, गोल मार्केट गर्ल्स स्कूल, सेंट थॉमस, सेंट कोलंबस, हारकोर्ट बटलर, विद्या पब्लिक, डीईटीए तमिल स्कूल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डायवर्जन से पहले न तो आरडब्ल्यूए, न स्कूल प्रशासन और न ही दुकानदारों से कोई सलाह ली गई, जिससे अब यह ट्रैफिक प्लानिंग क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत बन गया है।

लोगों की मांग है कि एनडीएमसी और ट्रैफिक पुलिस मिलकर जल्द से जल्द एक व्यवस्थित और सुरक्षित रूट प्लान तैयार करें जिससे बच्चों की सुरक्षा और आम जन की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।