March 8, 2026

गणेश चतुर्थी विशेष: मूर्तिकारों की मेहनत से सजी दुकानें

Faridabad/Alive News: गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर हर साल घर और पंडाल में मौजूद गणपति बप्पा की मूर्ति को मूर्तिकार बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ बनाते है। मूर्तिकार द्वारा गणपति बप्पा को कई रूपों में दर्शाया जाता है जैसे बाल स्वरूप गणेश,सिंहासन पर बैठे गणेश, चूहा या कमल पर विराजमान गणेश और आधुनिक थीम पर आधारित होता है।  27 अगस्त के आने वाली गणेश चतुर्थी के पावन अवसर के लिए मूर्तिकार भी उत्साह में है। हर तरफ भगवान गणेश की आकर्षक मूर्तियां बिक रही है। गणेश चतुर्थी के लिए मूर्तिकारों की मेहनत और भक्तों की आस्था का अनोखा संगम देखा जा रहा है। 

मूर्तिकार गीता ने जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी के लिए वह एक महीने पहले से ही मूर्तियों को बनाना शुरु कर देते है। इस बार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टर के बजाय शुद्ध मिट्टी की मूर्तियां बनाई गई ताकि विसर्जन के समय नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाया जा सके।  मूर्तियों को गहरे रंग और सितारों से सजाया जाता है।  वह करीब 50 मूर्तियों को बनाती है जिसमें उनका लागत लगभग 4 लाख होती है। प्रत्येक मूर्ति का रेट उनके साइज और सजावट के अनुसार होता है।  जब कोई मूर्ति ऑर्डर पर होती है तो वह उसे 4 दिन  में तैयार करके दे देती है। 

मूर्तिकार जगदीश ने  कहा कि वह कलकत्ता से गणपति बप्पा की मूर्तियों को मंगवाकर यहां अलग- अलग रेटों में  बेचते है। वह  50 मूर्तियों का स्टॉक मंगवाते है जिसमें से लगभग 40 बीक जाती है। 

मूर्तिकार बसंती का  कहना है कि वह सीजन के अनुसार मूर्तियों को बनाती है। हालांकि अभी गणेश चतुर्थी का पावन अवसर आने वाला है तो वह अभी गणपति बप्पा की मूर्तियों को बनाकर व अलग – अलग जगह से मंगवाकर बेच रही है।