Faridabad/Alive News: शहर की रामलीलाओं में भगवान राम के वनवास और माता सीता के हरण के प्रसंग को भावपूर्वक दिखाया गया। श्री विजय रामलीला कमिटी, मार्केट नंबर-1 के मंच पर राम के वनवास, राजा दशरथ के विलाप और राम वियोग में उनके प्राण त्यागने के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं, जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर स्वर्ण मृग के पीछे राम के जाने, लक्ष्मण रेखा खींचने और रावण द्वारा माता सीता के हरण का दिखाया गया।
श्री विजय रामलीला कमिटी के मंच पर भगवान राम ने माता कौशल्या से वन जाने की अनुमति मांगी। इस दौरान राम ने माता से कहा, लाज रख मईया मेरी, अपने दिए संस्कार की, अब दो विदाई राम को उसके नए संसार की। मां और बेटे के इस भावुक संवाद ने दर्शकों का मन छू लिया। तीनों के वन की ओर रवाना होने और उन्हें भगवा वस्त्रों में महल से जाते देख राजा दशरथ का विलाप भी दिखाया गया। राम के वियोग में दशरथ के प्राण त्यागने के दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। इसके बाद भगवान राम के केवट की नाव से गंगा पार करने का प्रसंग दिखाया गया।
कमेटी के चेयरमैन टेकचंद नागपाल ने बताया कि वनवास का दृश्य तैयार करने के लिए कलाकारों ने सबसे ज्यादा रिहर्सल की। यह प्रसंग लोगों के दिल से जुड़ा है, इसलिए इसमें भावनाओं को अभिनय के जरिए दिखाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है।
दूसरी ओर, जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर माता सीता के हरण का प्रसंग दिखाया गया। भगवान राम के स्वर्ण मृग के पीछे जाने, लक्ष्मण के रेखा खींचकर सीता को बाहर न आने की सलाह देने और रावण के साधु वेश में आकर सीता का हरण करने के दृश्य का दिखाया। जटायु और रावण के बीच संघर्ष का प्रसंग भी दिखाया गया। इस दौरान राम की भूमिका अनिल गांधी, लक्ष्मण की राकेश भाटिया, सीता की सलोनी भाटिया, रावण की संजय भाटिया और जटायु की कमल कपूर ने निभाई। मंचन का निर्देशन ओम प्रकाश और प्रदीप भाटिया ने किया।

