Faridabad/Alive News: सीईटी-2025 परीक्षा का पहला दिन फरीदाबाद जिले में सफलता के साथ संपन्न हुआ। परीक्षा दो शिफ्टों में 163 केंद्रों पर आयोजित हुई, जिसमें पांच जिलों गुरुग्राम, झज्जर, नूंह, पलवल और रोहतक से अभ्यर्थी शामिल हुए। किसी भी छात्र को कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई।
महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि वे सरकारी सेवाओं से बिना किसी खर्च के समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचीं। जिला प्रशासन और हरियाणा रोडवेज की तरफ से विशेष शटल बसें चलाई गईं, जिससे छात्रों को सुविधा मिली।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के चेयरमैन हिम्मत सिंह और उपायुक्त विक्रम सिंह ने सेक्टर-14 स्थित डीएवी स्कूल से निरीक्षण शुरू किया और कई केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा, बायोमैट्रिक जांच और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। चेयरमैन ने व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि यह अब तक की सबसे बेहतरीन परीक्षा व्यवस्था है।
उपस्थिति दर 90 प्रतिशत, छात्रों में दिखा उत्साह
उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि पहली शिफ्ट में 42 हजार छात्रों में से लगभग 90% परीक्षा में शामिल हुए। आमतौर पर उपस्थिति दर 60-70% होती है। यह सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति युवाओं के भरोसे को दर्शाता है।
जिले में 5 क्लस्टर बनाकर वहां से शटल सेवाएं चलाई गईं। परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों ने भी व्यवस्था की प्रशंसा की।
दिव्यांग छात्रों को मिला प्रशासन का साथ
प्रशासन ने दिव्यांग छात्रों के लिए खास इंतजाम किए। हर दिव्यांग अभ्यर्थी के साथ एक गाड़ी और एक कर्मचारी लगाया गया। कुछ दिव्यांग छात्रों और उनके अभिभावकों ने वीडियो के जरिए सरकार को धन्यवाद कहा। एक मूक छात्र की मां ने कहा कि सरकार ने जो सुविधा दी, वो काबिल-ए-तारीफ है।
जब छूट गई बस, तो दौड़ी गाड़ियां
परीक्षा केंद्र पहुंचने में किसी को परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारी खुद अभिभावक की भूमिका में नजर आए। झज्जर के एक छात्र की बस छूट गई तो रोडवेज जीएम शिखा अंतिल ने अपनी गाड़ी से छात्र को परीक्षा केंद्र पहुंचाया। सेक्टर-12 से शटल मिस करने वाले छात्रों को बाइक टैक्सी, कार पूल और अधिकारियों की गाड़ियों से समय पर केंद्रों तक पहुंचाया गया।
प्रशासन की चुस्त व्यवस्था और सहयोगी रवैये की बदौलत सीईटी-2025 परीक्षा का पहला दिन बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ। छात्रों और अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह वास्तव में “नायब” सरकार की “नायब” तैयारी थी।

