Faridabad/Alive News: सेक्टर-21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में 7 अक्टूबर 2026 को साउथ-ईस्टर्न फिनलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज (Xamk) के शिक्षा निदेशक अरी लिंडेमैन पहुंचे। यह दौरा भारत और फिनलैंड के बीच आयोजित एजुकेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों की शिक्षा प्रणालियों, शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े अनुभवों को साझा करना था।
दौरे के दौरान अरी लिंडेमैन ने स्कूल की शिक्षण पद्धति ‘जीवा लर्निंग सिस्टम’ (JLS) को समझा। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं का अवलोकन किया और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों से बातचीत कर स्कूल की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्कूल के व्यक्तिगत, मूल्यपरक और मानव-केंद्रित शिक्षा दृष्टिकोण की सराहना की।
विद्यालय के संस्थापक एवं पर्सनलाइज्ड लर्निंग सिस्टम के आर्किटेक्ट ऋषिपाल चौहान के साथ चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रत्येक बच्चे की अपनी क्षमता, रुचि, स्वभाव और सीखने का तरीका होता है। ऐसे में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा और शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आत्मविकास, आत्मचिंतन, अनुशासन, जीवन-मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास भी जरूरी है।
ऋषिपाल चौहान ने बताया कि जीवा लर्निंग सिस्टम के तहत विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनुभवात्मक और मूल्यपरक शिक्षा पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान और कौशल के साथ मानवीय गुणों का विकास करना है।
इस अवसर पर विद्यालय की उपाध्यक्ष चंद्रलता चौहान, एकेडमिक हेड मुक्ता सचदेव और प्रधानाचार्या नरजीत कौर भी उपस्थित रहीं। अरी लिंडेमैन ने जीवा लर्निंग सिस्टम के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और जीवन-कौशल के विकास के साथ उन्हें बेहतर इंसान बनाने की दिशा में यह एक उपयोगी प्रयास है।
एजुकेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हुआ यह दौरा भारत और फिनलैंड की शिक्षा पद्धतियों के बीच अनुभव साझा करने तथा व्यक्तिगत एवं मानव-केंद्रित शिक्षा की संभावनाओं को समझने का अवसर बना।

