भांकरी और प्रतापगढ़ में रोजाना 50 से अधिक ट्रक कूड़ा पहुंचने के बावजूद नहीं घट रही गंदगी, प्रतापगढ़ में जमा हुआ 70 हजार टन कचरा
Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में सफाई व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावों के बीच शहर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। शहर की सड़कों और खाली जगहों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि किसी भी सड़क से गुजरने पर गंदगी नजर आती है। नगर निगम की ओर से 50 से अधिक ट्रक कूड़ा भांकरी और प्रतापगढ़ में डाला जा रहा है। इसके बावजूद शहर में कूड़े की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, प्रतापगढ़ में भी करीब 70 हजार टन कूड़े का पहाड़ खड़ा हो चुका है।
स्थिति गंभीर होने के बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री को भी कूड़ा निस्तारण की योजना तैयार करने के लिए आगे आना पड़ा है। दूसरी ओर, शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
दो साल से नगर निगम सदन की नहीं हुई बैठक
पिछले दो साल से नगर निगम सदन की एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई है। इसके चलते सदन में कूड़ा निस्तारण और शहर की सफाई व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। पार्षदों की ओर से भी इस मामले में बैठक बुलाने और समस्या के समाधान के लिए प्रभावी पहल नहीं की गई।
कूड़े से परेशान लोगों का कहना है कि यदि पार्षदों ने समय रहते इस समस्या को गंभीरता से उठाया होता तो शायद हालात कुछ बेहतर हो सकते थे। पार्षदों को अपने-अपने वार्ड की समस्याओं की जानकारी होती है। ऐसे में वे निगम अधिकारियों के सामने इन मुद्दों को मजबूती से रख सकते थे।
क्या बोले पार्षद
रवि कश्यप, पार्षद: नगर निगम सदन की बैठक नहीं होने का नुकसान शहर को उठाना पड़ा है। बैठक में दूसरे मुद्दों के साथ सफाई व्यवस्था पर भी चर्चा होती। पार्षदों ने बढ़ती गंदगी का मुद्दा निगम आयुक्त के सामने जरूर उठाया था, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मनोज वशिष्ठ, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-38: मेरे वार्ड में नहर के किनारे कचरा जमा है। वार्ड में पांच गांव आते हैं, जहां मशीनों से सफाई करवाई जा रही है। सदन की बैठक होती तो कई समस्याओं का समाधान निकल सकता था। सफाई व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की जा सकती थी।
बैठक बुलाने के लिए तीन बार लिखा पत्र
वार्ड-29 के पार्षद अजय बैसला ने बताया कि नगर निगम सदन की बैठक बुलाने के लिए उन्होंने तीन बार निगम सचिव और मंडलायुक्त को पत्र लिखा। निगम सचिव ने इस बारे में मेयर को भी जानकारी दी, लेकिन मेयर कार्यालय की ओर से कोई जवाब नहीं आया। हर बार यही बताया गया कि मेयर व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि अब शहर की खराब सफाई व्यवस्था को लेकर सभी पार्षद एकजुट होकर निगम आयुक्त से मिले हैं। उम्मीद है कि केंद्रीय राज्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार देखने को मिलेगा।

