October 13, 2026

फरीदाबाद में 38 लाख की शेयर मार्केट ठगी और APK फाइल से धोखाधड़ी, साइबर थाना NIT ने दो आरोपी पकड़े

फरीदाबाद साइबर थाना NIT की शेयर मार्केट निवेश और APK फाइल से साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में साइबर थाना NIT की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 38.08 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में APK फाइल भेजकर क्रेडिट कार्ड से 48,633 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

शेयर मार्केट में 38.08 लाख रुपये की ठगी

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सैनिक कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि जून 2024 में उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश करने पर 800 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का लालच दिया गया। इस झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने बताए गए बैंक खाते में कुल 38,08,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में न तो उसे मुनाफे की रकम मिली और न ही मूल राशि वापस की गई।

शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गांव कुम्हारखेड़ा निवासी नरेन्द्र को गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नरेन्द्र ने जगदीश गिरी के बैंक खाते का इस्तेमाल कर उसे साइबर ठगों तक पहुंचाया था। पुलिस के मुताबिक, इस खाते में ठगी की रकम में से 6,05,000 रुपये आए थे। आरोपी नरेन्द्र को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

APK फाइल भेजकर क्रेडिट कार्ड से 48,633 रुपये निकाले

दूसरे मामले में NIT-5, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे फोन कर अधिक लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद जानकारी भरने के लिए उसके मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी गई। शिकायतकर्ता ने जैसे ही उस फाइल के जरिए जानकारी भरी, उसके क्रेडिट कार्ड से 48,633 रुपये कट गए।

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना NIT की टीम ने जांच शुरू की और दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी यश को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, यश इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी अरमान अंसारी का दोस्त है। जांच में सामने आया कि अरमान ने शिकायतकर्ता को फोन कर APK फाइल भेजी थी और उसके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके सामान ऑर्डर किया था। यश ऑर्डर किए गए सामान को प्राप्त कर बाजार में बेच देता था। सामान बेचने से मिली रकम में से अपना हिस्सा रखने के बाद बाकी पैसे अरमान को दे देता था।

इस मामले में अरमान अंसारी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी यश को भी अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट में असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति की भेजी APK फाइल डाउनलोड न करें और क्रेडिट कार्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से पहले पूरी जांच करें।