October 1, 2026

फरीदाबाद में CSC संचालक ने बनाई BJP विधायक की फर्जी मुहर, ₹800-1000 लेकर 100 से ज्यादा दस्तावेज किए सत्यापित

फरीदाबाद में विधायक की फर्जी मुहर बनाने वाले CSC संचालक की गिरफ्तारी

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में एक जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालक पर एनआईटी विधायक सतीश फागना के नाम की फर्जी मुहर, लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कर दस्तावेजों का सत्यापन करने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों से 800 से 1000 रुपये लेकर विधायक के नाम से दस्तावेज सत्यापित करता था। अब तक 100 से ज्यादा दस्तावेजों पर फर्जी सत्यापन किए जाने की बात सामने आई है।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब कुछ लोग आरोपी से तैयार करवाए गए दस्तावेज लेकर विधायक के डबुआ कॉलोनी स्थित कार्यालय पहुंचे। दस्तावेजों पर लगी मुहर को देखकर कार्यालय प्रभारी को शक हुआ। विधायक कार्यालय से पुष्टि कराने पर पता चला कि इन दस्तावेजों पर विधायक के हस्ताक्षर नहीं थे।

इसके बाद विधायक की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पर्वतीय कॉलोनी में CSC केंद्र चलाने वाले सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से फर्जी मुहर और लेटरहेड भी बरामद किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है।

पत्नी का आधार अपडेट कराने गया था आरोपी

पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि सौरभ अपनी पत्नी के आधार कार्ड में बदलाव कराने के लिए विधायक के कार्यालय गया था। वहां उसकी नजर विधायक के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर पर पड़ी। इसके बाद उसने इनकी नकल तैयार करवा ली और लोगों के दस्तावेजों के सत्यापन में इस्तेमाल करने लगा।

आरोपी करीब पांच साल से पर्वतीय कॉलोनी में CSC केंद्र चला रहा था। इसी साल किसी कारण से केंद्र बंद हो गया। इसके बाद वह आसपास के लोगों के आधार कार्ड बनवाने और उनमें संशोधन कराने का काम करने लगा। आधार से जुड़े काम में कई दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत होती थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसने फर्जी सत्यापन का तरीका अपनाया।

100 से ज्यादा दस्तावेजों का फर्जी सत्यापन

पुलिस के अनुसार, सौरभ लोगों से दस्तावेज सत्यापित कराने के नाम पर 800 से 1000 रुपये लेता था। अब तक 100 से ज्यादा लोगों के दस्तावेजों पर फर्जी सत्यापन किए जाने की जानकारी सामने आई है।

आरोपी लोगों को कार्यालयों की भागदौड़ से बचाने के नाम पर पैसे लेता था। जो लोग रकम देने से इनकार करते थे, उन्हें वह खुद संबंधित कार्यालय से दस्तावेज सत्यापित कराने के लिए कह देता था।

मुहर पर शक होने से खुला फर्जीवाड़ा

कुछ लोग जब आरोपी से तैयार करवाए गए दस्तावेज लेकर विधायक कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों को मुहर पर शक हुआ। इसके बाद विधायक कार्यालय से दस्तावेजों की पुष्टि कराई गई। जांच में सामने आया कि विधायक ने इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इसके बाद विधायक कार्यालय में तैनात प्रकाश पटेल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

विधायक ने कहा- फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं थी

एनआईटी विधायक सतीश फागना के अनुसार, उन्हें इस फर्जीवाड़े की कोई जानकारी नहीं थी। कर्मचारियों ने जब दस्तावेजों पर लगी मुहर के बारे में बताया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कागजों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। विधायक ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।

पुलिस रिमांड में होगी आगे की जांच

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच के दौरान फर्जी लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर तैयार करने में इस्तेमाल सामान के अलावा कंप्यूटर और अन्य उपकरण बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने यह फर्जीवाड़ा अकेले किया या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। मामले की आगे की जांच के लिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।