Faridabad/Alive News: फरीदाबाद के एकमात्र सरकारी अस्पताल बीके की इमरजेंसी में इलाज के अभाव में एक बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन पिछले तीन दिनों से परेशान हैं। 64 वर्षीय सतबीर खान को पैरालाइसिस की समस्या है और उनकी पत्नी का आरोप है कि अस्पताल में न तो दवाई दी जा रही है और न ही सही इलाज किया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टर केवल एक-दो दवाइयां देकर मरीज को सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली रेफर करने की सलाह दे रहे हैं। मरीज की पत्नी का कहना है कि वह गरीब हैं, दिल्ली ले जाने की स्थिति में नहीं हैं और इलाज की उम्मीद में यहां चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
समाजसेवी सतीश चोपड़ा ने इसे मामले पर चिंता जताते हुए फरीदाबाद को “रेफर मुक्त” बनाने की मांग को लेकर वह 269 दिनों से धरना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक बीके अस्पताल के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि लगातार रेफर किए जाने से कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर फरीदाबाद के एकमात्र सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था और मरीजों की समस्याओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

