March 7, 2026

ड्रापआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने की कवायद, 1005 बच्चों की हुई पहचान

Faridabad/Alive News: सरकारी स्कूलों से पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अध्यापकों और शिक्षा स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ ब्लॉक में अब तक करीब 1005 ड्रापआउट बच्चों की पहचान की जा चुकी है।

अध्यापक बच्चों के नाम और संपर्क नंबर नोट कर रहे हैं। प्रवेश उत्सव के दौरान इन बच्चों का नजदीकी सरकारी स्कूलों में दोबारा दाखिला कराया जाएगा। 19 जनवरी तक अध्यापक गली-गली जाकर शैक्षणिक सत्र के बीच पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की तलाश करेंगे, ताकि उनके हाथों में फिर से किताबें थमाई जा सकें।

शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती
शिक्षा विभाग के लिए स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को कम करना लगातार चुनौती बना हुआ है। प्रवेश उत्सव के दौरान जागरूकता रैलियों के आयोजन के बावजूद शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सर्वे के अनुसार एक हजार से अधिक बच्चों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में ऐसे बच्चों की संख्या 1500 से अधिक थी। सर्वे पूरा होने के बाद यह संख्या और बढ़ने की आशंका है।

क्यों छोड़ते हैं बच्चे स्कूल
सर्वे में सामने आया है कि अधिकतर बच्चों के माता-पिता मजदूरी करते हैं और काम की तलाश में अलग-अलग शहरों में जाते रहते हैं। औद्योगिक नगरी में भी ठेके पर काम करने वाले कई परिवार अस्थायी रूप से आते हैं और अपने बच्चों का नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला करा देते हैं। काम पूरा होने पर कुछ परिवार बच्चों का नाम स्कूल से कटवा देते हैं, जबकि कई बिना सूचना दिए ही चले जाते हैं। इसके अलावा पारिवारिक कारण, बीमारी और आर्थिक कमजोरी भी स्कूल छोड़ने के प्रमुख कारण हैं।

जागरूकता पर भी जोर
एक जनवरी से 19 जनवरी तक चल रहे इस अभियान में शिक्षा विभाग न केवल ड्रापआउट बच्चों की पहचान कर रहा है, बल्कि बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक कर रहा है।