March 8, 2026

छात्रों को साधने में असफल दिखा शिक्षा विभाग, नहीं बढ़ा सरकारी स्कूलों में दाखिले का ग्राफ

Faridabad/Alive News: शिक्षा विभाग की मानें तो उनकी ओर से कोशिशें तो भरसक हुई, पर सरकारी स्कूलों में दाखिले का ग्राफ नहीं बढ़ पा रहा है। शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते तीन महीने में पहली से बारहवीं तक की कक्षाओं में 95,593 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, जबकि पिछले साल जून में यह संख्या एक लाख पार की गई थी। वर्ष 2024 में 105,026 बच्चों ने दाखिला लिया था। कम दाखिला होने का कारण सरकारी स्कूल में सुविधाओं का अभाव माना जा रहा है। इस पर शिक्षा विभाग का तर्क है कि दाखिले अधिक हुए हैं, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाए हैं।

फरीदाबाद और बल्लभगढ़ ब्लाक में 378 राजकिय विधालय संचालित हो रहे है। स्कूलों में दाखिला बढ़ाने और ड्रापआउट को दोबारा स्कूल पहुंचाने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक अध्यापक गली – गली घुमें। जागरूकता रैली और शिविर का आयोजन किया गया। लेकिन इसके बाद भी स्कूलों में दाखिला का ग्राफ बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है। अभी तक पहली से आठवीं कक्षा में  73,518  और दसवीं से बारहवीं कक्षा में 22,075 छात्रों ने दाखिला लिया है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह चिंता का विषय है। ज्यादातर स्कूलों में छात्रों के बैठने तक की जगह नहीं है। जर्जर और कंडम भवनों में कक्षाएं आयोजित हो रही है। सुविधाओं का अभाव होने को कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने में कम रुचि दिखा रहे है।

अध्यापकों का कमी और खराब रिजल्ट भी है बड़ा कारण: सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी है यह बात किसी से छिपी नहीं है। एक – एक अध्यापक पर अतिरिक्त कक्षाओं का बोझ है।

कई स्कूलों में तो हिंदी और इंग्लिश जैसे विषय के भी अध्यापक नहीं है। जोड़ – जोड़ कर स्कूलों में छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। अध्यापकों की कमी के कारण छात्रों का सिलेबस समय पर पूरा नहीं हो पाता है। रिवीजन और टेस्ट के लिए अधिक समय छात्रों व अध्यापकों को नहीं मिलता है। इसका असर परीक्षा परिणाम पर दिखाई देता  है। शैक्षणिक सत्र 2024 – 25 में सरकारी स्कूलों का कुल परीक्षा परिणाम 91. 63 प्रतिशत रहा था। कौराली और दयालपुर के सरकारी स्कूलों का सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा था। खराब परीक्षा परिणाम भी दाखिला कम होने का एक बड़ा कारण है।

क्या कहना है जिला शिक्षा अधिकारी का :

सरकारी स्कूलों में दाखिला की संख्या बढी है। छात्रों को दस्तावेज के अभाव में भी दाखिला दिया गया है। आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज नहीं होने के कारण छात्रों की संख्या आनलाइन अपडेट नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से पोर्टल पर कम संख्या दिखाई दें रही होगी। अध्यापकों को कहा गया है कि दस्तावेज पूरे कराकर छात्रों की सही संख्या बढ़ेगी।
अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी।