March 7, 2026

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम परिसर में जलाए गए मिट्टी के दीपक

Faridabad/Alive New: कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम 5100 दीपकों की रोशनी से आलोकित हो उठा। देव दीपावली के इस पावन पर्व पर आश्रम परिसर में दर्जनों स्वयंसेवकों ने देशी घी और तिल के तेल से दीप जलाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया।

दीपों की झिलमिल रोशनी ने श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। उसी स्मरण में देवताओं ने काशी के घाटों पर गंगा स्नान कर दीप प्रज्वलित किए थे, तभी से देव दीपावली का यह पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है।

इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि “सिद्धदाता आश्रम में प्रति वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देवताओं द्वारा राक्षसों से मुक्ति की प्रसन्नता व्यक्त करने का प्रतीक है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है, जिससे पापों से मुक्ति मिलती है।”

देव दीपावली की इस भव्य जगमगाहट को देखने के लिए आश्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे परिसर में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल छा गया।