March 7, 2026

पीएम आवास योजना को पूरा करने में आई मुश्किल

Faridabad/Alive News: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना को औद्योगिक नगरी की धरती पर उताराना काफी मुश्किल हो रहा है।क्योकि निगम अभी तक जरुरतमंद लोगें के लिए फ्लैट बनाने के लिए जमीन नहीं खोज पाया है। प्रदेश सरकार की ओर से निगम को जमीन तलाशने के लिए तीन बार पत्र लिखा गया था। वही, निगम का कहना है कि उनके पास जो जमीन उपलब्ध है। उस पर तीन हजार फ्लैट नहीं बनाए जा सकते है।ऐसे में प्रदेश सरकार को सुझाव दिया कि जैसे बापू नगर और डबुआ कालोनी में जरुरतमंद लोगें को फ्लैट दिए गए है। वैसे ही अलग – अलग जगहों पर फ्लैट बनाए जा सकते हैं। वहीं आवेदनकर्ता निगम के रोज आशियाना मिलने को लेकर प्रतिदिन चक्कर काट रहे हैं।

50 हजार में से 30 हजार आवेदन पाए गए थे सही: 2017 में इस योजना के तहत 50 हज़ार लोगों ने आवेदन दिया था। छटनी के बाद 30 हजार लोग पात्र पाए गए। इसके बाद उन्हें घर देने की योजना बनी थी। इनमें से 240 आवेदन ऐसे हैं जो जमीन पर ही नया मकान बनाना चाहते हैं। बाकी फ्लैट चाहते हैं। एक विकल्प नगर निगम की ओर से यह भी तैयार था कि डबुआ और बापू विहार की ओर में निगम के तहत दे दिया जाए,मगर बाद में इन फ्लैट्स को खोरी के विस्थापितों को दे दिया गया था।

निगम का कहना है कि जो 24 गांव शामिल किए गए है। उनमें भी जमीन की संभावना तलाशी जा रही है। अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

जरुरतमंदो को आशियाना देने में औधोगिक नगरी चल रही सबसे पीछे : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने में फरीदाबाद इस समय सबे पीछे चल रहा है। 30 हज़ार आवेदन आने का बाद अब तक एक भी निर्माण नही हो पाया है। पूरे प्रदेश में रोहतक इस मामले में सबसे आगे है। रोहतक में 80 फीसदी आवेदनकर्ता को घर उपलब्ध हो गए हैं। भिवानी में 66 फीसदी, झज्जर 53 फीसदी और पानीपत 51 फीसदी
जरूरतमंदों को घर दिए जा चुके हैं।

बिल्डरों से भी नहीं बनी बात: प्रधानमंत्री आवास योजना को सिरे चढाने के लिए जिले में निर्माण करने वाले बिल्डरों से बात की गई थी। इसमें वह 10 प्रतिशत कोटा योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों को देंगे ,लेकिन बिल्डर भी प्रदेश सरकार की बात को मानने से इनकार कर रहे है। बताया जा रहा है कि फ्लैट देने में उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ऐसे में निगम को अपने क्षेत्र में इन फ्लैटों को बनाने के लिए जगह की तलाश करनी होगी।