March 10, 2026

जम्मू में तबाही की बारिश: कोई सिर पर गठरी तो कोई कंधे पर बच्चों को उठाकर भागा

Delhi/Alive News: जम्मू में तबाही की बारिश हो रही है। कोई सिर पर गठरी तो कोई कंधे पर बच्चों को उठाकर भागा। परिवार मकान छोड़ने को मजबूर हो गए। बहाव तेज होने के बाद प्रशासन ने विश्वविद्यालय होस्टल खाली करवाया है।

जम्मू में तवी नदी में बाढ़ से राजीव कॉलोनी और जम्मू विश्वविद्यालय पर सबसे ज्यादा असर दिखा है। यहां जलभराव से कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित जगह चले गए हैं। तवी में बाढ़ आने के बाद प्रशासन ने जम्मू विश्वविद्यालय के हॉस्टल को खाली करवा दिया है। राजीव कॉलोनी में ज्यादातर घरों के निचले तल जलमग्न हो गए हैं और इनमें रखा सामान भी बर्बाद हो गया। प्रशासन ने तवी नदी में बाढ़ आने का अलर्ट जारी किया था।

तवी का जलस्तर मंगलवार को बढ़ना शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे के बाद तक नदी के रौद्र रूप ने राजीव कॉलोनी में पानी आना शुरू हो गया। पानी कॉलोनी में घुसता देख लोगों में अफरातफरी मच गई। आननफानन में अपना सामान समेट भरी बारिश के बीच बाहर निकलना शुरू हो गए। कोई सिर पर गठरी उठाकर तो कोई कंधे पर बच्चों को उठाकर जान बचाने के लिए भागता नजर आया। जब लोग घरों से बाहर निकल रहे थे तब बारिश की वजह से सड़क पर जलभराव भी था।

करीब एक घंटे की बारिश में ही राजीव कॉलोनी में तीन फुट से ज्यादा पानी भर गया। सड़क पर खड़ीं गाड़ियां बहती नजर आईं। विश्वविद्यालय के छात्र लोगों की मदद के लिए राजीव कॉलोनी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को घरों से बाहर निकालने में मदद की। बहुत से परिवार अपना सामान बाहर नहीं निकाल पाए और उनके घर के निचला हिस्सा कीचड़ से भर गया।

राजीव कॉलोनी में फंसे सतपाल सिंह, विजय कुमार, सीमा देवी, मोनिका और कासिम ने बताया कि कॉलोनी में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है। घर जलमग्न हो गए हैं। जरूरत का कुछ ही सामान निकाल पाए हैं। आरती ने बताया कि पानी भरने के बाद बच्चों की चिंता हो रही है। बारिश में कहां जाएंगे। यहां रहना खतरे से खाली नहीं है।

तीन सौ से अधिक परिवार हैं राजीव कॉलोनी में

राजीव कॉलोनी तवी नदी और जम्मू विश्वविद्यालय के बीच में बसी है। यहां करीब 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं। यहां अधिकतर लोग दूसरे राज्यों के हैं जो किराये पर रह रहे हैं। इन सभी परिवारों को जलभराव की वजह से मकान खाली करने पड़े हैं। जम्मू विश्वविद्यालय में हालात भी चिंताजनक बने रहे। प्रशासन ने छात्रों को हॉस्टल खाली करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद सभी छात्र हॉस्टल से निकलकर सुरक्षित स्थानों की तरफ चले गए।

दहशत में रहे लोग, दो बजे ही गिर गए दुकानों के शटर, भागते नजर आए लोग

मौसमी आफत के बीच जैसे ही मंगलवार की दोपहर बाद भगवती नगर तवी पुल के एक हिस्से के धंसने की सूचना मिली, शहर में अफरातफरी का माहौल बन गया। तवी नदी के खतरे के निशान के ऊपर बहने से तवी के अन्य तीन पुल पर भी आवाजाही बंद कर देने से घंटों दहशत का माहौल रहा। शहर के अधिकांश बाजारों में दोपहर दो बजे ही दुकानों के शटर गिर गए। हर कोई अपने घरों की ओर जाते दिखा। शहर से सटे अधिकांश मार्गों पर भारी जाम की स्थिति रही।

अधिकांश मार्गों पर भारी जाम की स्थिति रही, रास्ते में फंसी रहीं महिलाएं, बच्चे भी हुए परेशान
शहर में भारी बारिश के बीच दोपहर तक सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन जैसे ही तवी के पुलों पर वाहनों की आवाजाही बंद करने और भगवतीनगर एक पुल के हिस्से के धंसने की सूचना मिली चारों ओर दुकानों के शटर गिरने लगे। काली घटाएं माहौल को और डरावना कर रही थीं। रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, रेजीडेंसी रोड, राजेंद्र बाजार, कनक मंडी, पुरानी मंडी, शालामार, लिंक रोड, जैन बाजार, चौक चबूतरा, पक्का डंगा, कच्ची छावनी, राज तिलक रोड, मोती बाजार, पीर मिट्ठा आदि बाजार देखते ही देखते बंद हो गए।

बाजारों में सन्नाटा पसर गया। हालात ऐसे रहे कि लोग अपने गंतव्यों की तरफ भागते नजर आए। अचानक सभी ओर से लोगों की आवाजाही बढ़ जाने से शहर के लगभग चारों हिस्सों में जाम की भारी स्थिति रही। मौसम के मिजाज को देखते हुए लोग जरूरी खरीदारी करते भी दिखे। लेकिन अधिकांश बाजार के बंद होने से लोगों को परेशानी हुई।