March 7, 2026

दिल्ली धमाका: शादी से बना आतंकियों का ग्रुप, डॉक्टर-प्रोफेसर तक शामिल; पाकिस्तान से थे सीधे संपर्क

Delhi/Alive News: दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि इसके पीछे जैश-ए-मोहम्मद का एक नया आतंकी नेटवर्क था, जिसमें डॉक्टर, प्रोफेसर और एक महिला शामिल थी। यह ग्रुप पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में आतंक की फंडिंग और हथियार सप्लाई कर रहा था।

शादी से शुरू हुआ आतंकी नेटवर्क
जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क 4 अक्टूबर को यूपी के सहारनपुर में हुई एक शादी से शुरू हुआ। यह शादी डॉक्टर आदिल और डॉक्टर रुकैया की थी। शादी में कुछ “खास मेहमान” आए थे, जिनकी पहचान अब एजेंसियां कर रही हैं।
शादी के अगले ही दिन इस ग्रुप ने काम शुरू कर दिया—फौजियों को धमकाने वाले पोस्टर लगाना, हथियारों की सप्लाई और पैसों का इंतजाम करना इसका मकसद था।
डॉ. आदिल नेटवर्क की फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक चेन संभालता था। योजना थी कि मेडिकल क्षेत्र के जरिए पैसे और हथियारों का नेटवर्क तैयार किया जाए।

पोस्टर से खुला राज
19 अक्टूबर को कश्मीर के नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर लगे मिले। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और 50 अधिकारियों की टीम ने 60 CCTV कैमरे खंगाले।

31 अक्टूबर को फुटेज में डॉ. आदिल पोस्टर लगाने वाले इलाके में घूमता दिखा। फोन सर्विलांस से पता चला कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स से बात कर रहा था।

6 नवंबर को सहारनपुर से उसे गिरफ्तार किया गया। उसके पास से AK-47, ग्रेनेड और विस्फोटक बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे डॉ. मुजम्मिल के पास और विस्फोटक हैं। 9 नवंबर को पुलिस ने डॉ. मुजम्मिल को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया।

महिला प्रोफेसर थी नेटवर्क की अहम कड़ी

जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क की सबसे अहम सदस्य डॉ. शाहीन सईद थी। वह जैश सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के संपर्क में थी और महिला आतंकी संगठन ‘जमात-उल-मोमिनात’ से जुड़ी थी। शाहीन को फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया गया और श्रीनगर ले जाया गया।

डॉ. शाहीन ने इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज से MBBS किया था और कानपुर मेडिकल कॉलेज में 7 साल असिस्टेंट प्रोफेसर रही। 2021 में वह नौकरी छोड़कर गायब हो गई थी। बाद में वह पाकिस्तान के निर्देशों पर महिलाओं को कट्टरपंथ की राह पर लाने लगी।
अब यूपी ATS ने उसके भाई डॉ. परवेज को लखनऊ से गिरफ्तार किया है, जो एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर था।

डॉक्टर से आतंकी बने दो दोस्त
कश्मीर के पुलवामा जिले के दो दोस्त डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर नबी, पहले डॉक्टर बने, फिर आतंक की राह पर चल पड़े। दोनों के घर सिर्फ 800 मीटर की दूरी पर हैं।धमाके में उमर मारा गया, जबकि मुजम्मिल गिरफ्तार है। गांव के लोग कहते हैं, “जिन पर कभी गर्व करते थे, आज उन्हीं की वजह से शर्मिंदा हैं।”

पुलिस अलर्ट
धमाके के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इस मॉड्यूल से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी हैं। कई इलाकों  फरीदाबाद, सहारनपुर, पुलवामा और श्रीनगर  में छापेमारी की जा रही है।