Faridabad/Alive News : देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे नशे के कहर को रोकने व लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एनएच-3 एनआईटी फरीदाबाद के डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल ने सौ कुंडिय हवन यज्ञ का आयोजन किया। इस बुराई को समाज से हटाने व एकजुटता की भावना को ओर प्रबल करने के उद्देश्य से आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी ने ठोस कदम उठाया है।
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फरीदाबाद की मेयर परवीन बत्रा जोशी रही। इसके अलावा पार्षद मनोज नासवा, एसपीएससी की महासचिव विजय लक्ष्मी, आर्य समाज से सुरेश गुलाटी, जगदीश विरमानी, जितेंदर तायल, गोल्डी मल्होत्रा, वसंत भाटिया, विमला मदान, संतोष तनेजा, शिक्षाविद रजनी, शिक्षाविद राजविंदर कौर, शिक्षाविद आंचल और अर्शमीत मौजूद रही।
कार्यक्रम का प्रारंभ गायत्री मंत्र व डी. ए. वी. गान से हुआ। उसके पश्चात स्कूल की प्रधानाचार्या ज्योति दहिया ने आये हुए अतिथियों को गुलदस्ता देकर उनका अभिनंदन किया। उसके बाद लोगों को जागरूक करने के लिए बच्चों व अभिभावकों ने हवन किया। बच्चों ने रेप गीत, नृत्य, नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। बच्चों ने अपनी नाटक के माध्यम से बताया कि किस प्रकार नशे की आदत एक परिवार तक ही नहीं अपितु देश की उन्नति के लिए भी बाधक है। इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ – साथ अभिभावकों ने भी बढ़- चढ़ कर भाग लिया व उठाए गए कदम की सराहना की।
उसके पश्चात मुख्य अतिथि परवीन बत्रा जोशी ने नशे के कारण समाज में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि नशे के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और इसके रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है और यह सभी अभिभावकों एवं माता-पिता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने बच्चों के जीवन में आने वाले बदलावों को समझने का प्रयास करें एवं उनका ध्यान रखें। सभी ने करतल ध्वनि से उनका आभार व्यक्त किया।
अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति दहिया ने मुख्य अतिथि परवीन बत्रा जोशी का सभी माननीय व सम्मानित जनों का, अभिभावकों का, अध्यापक- अध्यापिकाओं व बच्चों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रक्रिया एक दिन की नहीं अपितु निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है यदि हम सब मिलकर इस ओर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे तभी हम देश के भविष्य बच्चों का सही अर्थों में नवनिर्माण कर पायेंगे। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

